आलेख

*जिनपिंग का दिया गया भरोसा भारत के लिए अवसर,अंतिम समाधान नहीं*

*जिनपिंग का दिया गया भरोसा भारत के लिए अवसर,अंतिम समाधान नहीं*

*अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मित्रता के नारों से अधिक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हित और रणनीतिक तैयारी होती है* डाॅ.अरविंद नाथ तिवारी #Narayaninews.inब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात ने भारत-चीन संबंधों को लेकर नई उम्मीद पैदा की है। दोनों नेताओं के बीच इस बात पर सहमति बनी कि मतभेदों […]

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*योगी को हटाना भाजपा के लिए कितना आसान*

*योगी को हटाना भाजपा के लिए कितना आसान*

*भाजपा योगी की लोकप्रियता को सामाजिक विस्तार, विकास, कानून-व्यवस्था और मजबूत उम्मीदवार चयन के साथ जोड़ देती है, तो वह सत्ता में वापसी की मजबूत स्थिति बना सकती है* लेखक–डाॅ.अरविंद नाथ तिवारी उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ भाजपा के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को लेकर […]

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बिहार की बाढ़: राहत नहीं, अब चाहिए स्थायी समाधान

बिहार की बाढ़: राहत नहीं, अब चाहिए स्थायी समाधान

*बिहार को अब राहत की राजनीति नहीं, स्थायी समाधान की नीति चाहिए। जनता के टैक्स के पैसे का इस्तेमाल हर साल बाढ़ के बाद नुकसान भरने में करने के बजाय ऐसी व्यवस्था बनाने में होना चाहिए जिससे नुकसान की संभावना ही कम हो*                        लेखक-डाॅ.अरविंद नाथ तिवारी बिहार की बाढ़ कोई नई त्रासदी नहीं है। […]

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दोन की पीड़ा: आजादी के 79 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार

दोन की पीड़ा: आजादी के 79 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार

                   लेखक–डाॅ.अरविंद नाथ तिवारी बिहार में चंपारण के दोन क्षेत्र की कहानी आजाद भारत के उन इलाकों की कहानी है, जहां स्वतंत्रता के 79 वर्ष गुजर जाने के बाद भी विकास की बुनियादी रोशनी पूरी तरह नहीं पहुंच सकी है। जंगल, पहाड़ और नदियों से घिरे इस दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले थारू एवं अन्य […]

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बांकीपुर उपचुनाव से क्या प्रशांत किशोर के अच्छे दिन और भाजपा के लिए नई चुनौती शुरू

बांकीपुर उपचुनाव से क्या प्रशांत किशोर के अच्छे दिन और भाजपा के लिए नई चुनौती शुरू

*इस हार ने भाजपा के सामने संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर कई सवाल खड़ा कर दिया है* डाॅ.अरविंद नाथ तिवारीबिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का परिणाम केवल एक सीट का फैसला नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा […]

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पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का राजनीतिक सफर, विवाद और सनातन धर्म के विरुद्ध

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का राजनीतिक सफर, विवाद और सनातन धर्म के विरुद्ध

*पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का राजनीतिक सफर, विवाद और सनातन धर्म के विरुद्ध* डाॅ.अरविंद नाथ तिवारीराजेश रंजन, जिन्हें पप्पू यादव के नाम से जाना जाता है, बिहार की राजनीति के चर्चित और विवादास्पद नेताओं में गिने जाते हैं। उनका राजनीतिक जीवन जितना लंबा रहा है, उतना ही विवादों से भी घिरा रहा है। वे कई […]

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मोबाइल शिक्षकों के लिए वरदान है या बच्चों के लिए अभिशाप

मोबाइल शिक्षकों के लिए वरदान है या बच्चों के लिए अभिशाप

सेवानिवृत शिक्षक पं. रमेश मिश्र बिहार।वर्तमान में जहां पठन पाठन में विद्यालयों में बहुतेरे शिक्षक मोबाइल के इस्तेमाल पर निर्भर हैं वही इसका दुष्परिणाम कहीं ना कहीं बच्चों के सीखने के अवसर पर पड़ रहा हैं। प्राय: देखा जाता है कि प्रश्नों का उत्तर शिक्षक मोबाइल से खोज कर सीधे बोर्ड पर लिख देते हैं।जबकि […]

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डॉ. राजश्री वर्मा के रहस्य-रोमांचक उपन्यास ‘तीसवाँ द्वार’ का भव्य विमोचन राजेश वर्मा ने किया

डॉ. राजश्री वर्मा के रहस्य-रोमांचक उपन्यास ‘तीसवाँ द्वार’ का भव्य विमोचन राजेश वर्मा ने किया

*डॉ. राजश्री वर्मा के रहस्य-रोमांचक उपन्यास ‘तीसवाँ द्वार’ का भव्य विमोचन राजेश वर्मा ने किया* रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार जमशेदपुर ( झारखंड) । समकालीन हिंदी साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में चर्चित रहस्य-रोमांचक उपन्यास ‘तीसवाँ द्वार’ का भव्य विमोचन प्रख्यात पत्रकार एवं समाजसेवी राजेश कुमार वर्मा के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। […]

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जगन्नाथ रथ यात्रा”

जगन्नाथ रथ यात्रा”

*”जगन्नाथ रथ यात्रा”* रचना – डॉ अनमोल कुमार गुंडिचा के आंगन को बुलावा आया है,  प्रभु रथ पर सवार होकर घर से आए हैं।  बलभद्र, सुभद्रा संग जगन्नाथ विराजे,  लाखों भक्तों की डोर से रथ खींचे जाए। नगर गूंजे “जय जगन्नाथ” के जयकारों से,  ध्वजा लहराए, शंख बजे चारों ओर से।  ना ऊंच-नीच, ना छोटा-बड़ा […]

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युवा तुर्क” पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर: के पुण्यतिथि पर विशेष* ( 8 जुलाई)

युवा तुर्क” पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर: के पुण्यतिथि पर विशेष* ( 8 जुलाई)

*”युवा तुर्क” पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर: के पुण्यतिथि पर विशेष* ( 8 जुलाई ) प्रस्तुति – डाॅ अनमोल कुमार “युवा तुर्क” कैसे बने?: आपातकाल के बाद जब कांग्रेस के युवा सांसदों ने सत्ता के खिलाफ बगावत की आवाज उठाई, तो उनमें सबसे तेज आवाज थी चंद्रशेखर की। दिल्ली की राजनीति में उनकी निडरता, साफगोई और सिद्धांतों […]

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