आरटीपीएस में गलत निवास प्रमाण पत्र की शिकायत पर बगहा एसडीम ने की कार्रवाई

*बगहा-2 प्रखंड कार्यालय में जांच से मचा हड़कंप, आईटी कर्मी से स्पष्टीकरण; उपस्थिति पंजी में भी मिली गंभीर लापरवाही*
बगहा।बगहा अनुमंडल के प्रखंड कार्यालय बगहा-2 स्थित आरटीपीएस केंद्र में गलत तरीके से निवास प्रमाण पत्र बनाये जाने की सूचना पर अनुमंडल प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी बगहा चांदनी कुमारी ने आरटीपीएस केंद्र का औचक निरीक्षण कर प्रमाण पत्र निर्गमन से संबंधित कार्यों की जांच करने उपरान्त बगहा-2 प्रखंड के आईटी कर्मी से स्पष्टीकरण की कार्रवाई शुरू की है।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने आरटीपीएस केंद्र में प्रमाण पत्रों के निर्माण एवं निर्गमन की प्रक्रिया की जानकारी ली। निवास प्रमाण पत्र गलत तरीके से बनाए जाने की सूचना के संबंध में आवश्यक पड़ताल की । प्रशासन ने इस मामले में संबंधित आईटी कर्मी से जवाब मांगे जाने का निर्णय लिया है। स्पष्टीकरण के बाद मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
उपस्थिति पंजी ने भी खोली व्यवस्था की पोल
एसडीम ने इसके बाद प्रखंड एवं अंचल कार्यालय की उपस्थिति पंजी की जांच की। जांच के दौरान कई कर्मियों की उपस्थिति निर्धारित तिथियों में दर्ज नहीं पाई गई। इतना ही नहीं, अनुपस्थित तिथियों पर उपस्थिति पंजी में खाली स्थान छोड़ दिया गया था। इस पर एसडीओ ने गंभीर नाराजगी जताते हुए संबंधित लिपिक से भी स्पष्टीकरण की कार्रवाई का निर्देश दिया।
प्रशासनिक स्तर पर उपस्थिति पंजी जैसे महत्वपूर्ण अभिलेख में इस प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है। सरकारी कार्यालयों में कर्मियों की उपस्थिति और कार्य निष्पादन की निगरानी को लेकर एसडीम की इस जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अनियमितता मिली तो तय होगी जिम्मेदारी
एसडीओ चांदनी कुमारी की जांच से स्पष्ट संकेत है कि आरटीपीएस सहित प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के कार्यों में लापरवाही को अब नजरअंदाज नहीं किया जायेगा। प्रमाण पत्र जारी करने से लेकर कार्यालयी अभिलेखों के संधारण तक प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय करने की दिशा में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है।
स्थानीय स्तर पर आरटीपीएस केंद्र से आम लोगों को जाति, आय, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्रों की सुविधा मिलती है। ऐसे में प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत लोगों के लिए गंभीर विषय है। प्रशासनिक जांच और संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण के बाद यह स्पष्ट होगा कि गलत प्रमाण पत्र जारी करने की शिकायत में वास्तविक स्थिति क्या थी और इसके लिए किस स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है।