संपूर्ण क्रांति दिवस पर कविता
*संपूर्ण क्रांति दिवस पर कविता* _5 जून 1974 – संपूर्ण क्रांति का शंखनाद_ रचना डॉ अनमोल कुमार बिहार की माटी का वो लाल, अन्याय के आगे हुआ न हलाल। अंग्रेज गए पर कुर्सी के चोर, जनता भूखी, नेता सिरमौर। तब पटना के गांधी मैदान से, एक सिंह दहाड़ा – “सिंहासन खाली करो कि जनता आती […]