वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बीच एनएच-727 पर आवागमन की राह खुलने की उम्मीद
सड़क के अल्पकालिक रखरखाव कार्य के लिए वन्यप्राणी स्वीकृति का प्रस्ताव राष्ट्रीय वन्यप्राणी पर्षद की स्थायी समिति को भेजा गया

बगहा। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गुजरने वाले राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-727 (28बी.) के किलोमीटर 104 से 110 तक जरूरी रखरखाव और अस्थायी आवागमन की अनुमति की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार को भेजे पत्र में इसकी जानकारी दी है।
विभाग के उप सचिव राजीव कुमार के 17 सितंबर के पत्र के अनुसार, बगहा-छितौनी रेल लाइन निर्माण के दौरान तत्कालीन राज्य उच्च पथ संख्या-64 के किलोमीटर 104.2 से आगे वन्यप्राणी आश्रयणी क्षेत्र में अस्थायी आवागमन पथ को 109.8 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया था। रेल लाइन निर्माण के बाद इसे बंद किया जाना था, लेकिन बाद में इसे राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-28बी के रूप में अधिसूचित कर दिया गया।
वैकल्पिक मार्ग का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण मदनपुर-पनियहवा सड़क के अल्पकालिक रखरखाव के तहत आवश्यक गैर-डामरीकरण कार्य के लिए परिवेश पोर्टल पर प्रस्ताव दिया गया। राज्य वन्यप्राणी पर्षद ने इसे विशेष शर्तों के साथ राष्ट्रीय वन्यप्राणी पर्षद की स्थायी समिति को अनुमोदन के लिए अनुशंसित किया है।
विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय वन्यप्राणी पर्षद की मंजूरी मिलने के बाद वैकल्पिक मार्ग बनने तक इस वन्यप्राणी क्षेत्र वाले पथ पर अस्थायी आवागमन की अनुमति दी जा सकेगी। सांसद ने इस संबंध में 17 जनवरी को पत्र भेजा था।