किसान नेता स्व. श्याम किशोर सिंह की 16वीं पुण्यतिथि पर सेमिनार सह वृक्षारोपण

*किसान नेता स्व. श्याम किशोर सिंह की 16वीं पुण्यतिथि पर सेमिनार सह वृक्षारोपण*
रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार
नालंदा। इस्लामपुर स्थित स्वर्गीय श्याम किशोर सिंह के स्मृति स्थल पर उनकी 16वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सेमिनार सह वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आम, अमरूद, पीपल, पपीता आदि के पौधों का वृक्षारोपण किया गया। इसके अलावा ग्रामीणों के बीच 100 पपीते के पौधों का वितरण भी किया गया, ताकि ग्रामीण अपने-अपने स्थलों पर इन पौधों का वृक्षारोपण कर सकें और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और स्वर्गीय श्याम किशोर सिंह के व्यक्तित्व एवं समाज के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में उनके पुत्र एवं बिहार सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार ने कहा कि स्व. श्याम किशोर सिंह को वृक्षारोपण करना बहुत पसंद था। पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनका विशेष लगाव था। इसी कारण उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर हर साल वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहा है। उन्होंने सरकार द्वारा वृक्षारोपण एवं जल-जीवन-हरियाली के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। अमरेन्द्र कुमार ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि किसानों द्वारा लिए गए कर्ज को माफ करने की दिशा में सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए, ताकि कर्ज के बोझ से जूझ रहे किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।
पूर्व पंचायत समिति सदस्य कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि पंचायत स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। उन्होंने कक्षा सातवीं से युवाओं को 4,000 रुपये छात्रवृत्ति देने की मांग की, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण शिक्षा प्रभावित न हो।
सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए रामदहिन सिंह ने कहा कि सरकार की कुछ नीतियां किसानों के हित में नहीं हैं और ऐसी नीतियों का विरोध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1970 के दशक में हुई चकबंदी के दौरान कई स्थानों पर जमीन की प्रकृति को एक समान दर्ज किया गया, जबकि जिन क्षेत्रों में चकबंदी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, वहां जमीन की प्रकृति एवं श्रेणी अलग-अलग रही। इसके बावजूद सरकार द्वारा इन जमीनों के संबंध में ऐसे कानून एवं नियम लागू किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
रामदहिन सिंह ने कहा कि किसानों को उनकी जमीन के मामले में अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को इस समस्या की गंभीरता से समीक्षा करते हुए किसानों के हित में ठोस एवं न्यायसंगत कदम उठाने चाहिए। कृषि और किसानों से जुड़े कानून एवं नीतियां बनाते समय किसानों की वास्तविक समस्याओं को ध्यान में रखना आवश्यक है।
कार्यक्रम में रामदहिन सिंह, विनोद शर्मा, शैलेंद्र कुमार, कौशलेंद्र कुमार, राकेश कुमार, ओंकारनाथ, मृत्युंजय कुमार, विपुल कुमार, मनोज कुमार, अरविंद कुमार, विमल सिंह, आशुतोष कुमार, राजीव कुमार, किशु कुमार, अंकित कुमार, आरव कश्यप आदि लोग उपस्थित रहे।