” वर्षों पूर्व पुलिस आई जी मगध प्रक्षेत्र पद को समाप्त करने की चर्चा से मगधवासियों में भयानक आक्रोश _ कॉंग्रेस



रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार

गयाजी।     विगत कुछ दिनों से सोशल मीडिया, पोर्टल न्यूज चैनलों पर इस बात की कयास और चर्चा से मगधवासियों में भयानक आक्रोश है।
      गया जिला कॉंग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार झुंना. प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू,  पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली जिला कॉंग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह,  राम  प्रमोद सिंह, युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, प्रदीप शर्मा,  विजय शर्मा,सैफुल्ल इस्लाम,मदीना खातून, अशोक भारती, रणजीत कश्यप,सुनैना रानी अंजनी, दामोदर गोस्वामी, शिव कुमार चौरसिया,  मोहम्मद नवाब अली,  ताजउद्दीन , खिजीर हायात, धर्मेंद्र निराला,  सुनील कुमार पासवान, ओंकार शक्ति, अर्जुन प्रसाद,  मोहम्मद शामिम, शिव नाथ पासवान. इंदल पासवान. मुन्ना मांझी पूनम कुमारी,अंशु सिन्हा, सारिका कुमारी,शर्मीला कुमारी,ने कहा कि आज से छह  वर्ष पहले बिहार  की तत्कालीन नीतीश सरकार ने पुलिस महाकामा में भारी  परिवर्तन करते हुए बिहार की राजधानी पटना के तर्ज़ पर दक्षिण बिहार के मगध प्रक्षेत्र एवं उत्तर बिहार  के पूर्णिया में आई जी का पद सृजित कर पदस्थापित कर दिये, तब से मगध प्रक्षेत्र के मे आई जी तैनात है,  आज के दिन से आई जी मगध संपूर्ण मगध क्षेत्र की जनमानस को न्याय दिलाने,  सर्वहारा बनने की बातें मगध क्षेत्र की जनता के दिलों,  दिमाग में गड़ गया है।
   विगत कई दिनों इस बात  की चर्चा फेसबुक, वाटस आप,  पोर्टल चैनल न्यूज पर बिना कोई सरकारी चिट्ठी,  आदेश, बयान के बिना ऐसा  कयास  लगा रहे हैं कि अब मगध क्षेत्र से आई जी का पद हटा कर डी आई जी का पद बहाल करने की राज्य सरकार की मंशा है,  यदि कुछ ऐसा नहीं है,  तो सरकार ऐसे अफ़वाहों को बंद करे अन्यथा सच्चाइयों को उजागर करें।
     नेताओं ने कहा कि मगध प्रमंडल मुख्यालय गयाजी जो अति प्राचीन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त,  विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपना स्थान रखने वाला शहर को पूर्व की सरकार यहां डी आई जी पद समाप्त कर आई जी पद लाया था,  जिसकी सभी अहर्ताओं को गयाजी जिला पूरा करता है,  इसलिए मगधबासी मगध को पुलिस महकमे में डीमोसन नहीं होने देंगे,  गयाजी. मगध प्रमंडल मुख्यालय में छह वर्षो से चलते आ रहे आई जी पद को यथा स्थिति बनाए रखने की मांग मुख्यमंत्री,  बिहार से किया है,  यदि इस तरह की बातें राज्य सरकार सोच रही है,  वो कहीं  से न्यायपूर्ण नहीं है,,।

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