सरकारी मानदेय का ‘डबल डोज’! एक ही व्यक्ति वार्ड सदस्य भी, होमगार्ड भी; दो विभागों से भुगतान पर उठे सवाल


*मोतीपुर पंचायत के वार्ड सदस्य धर्मराज यादव को पंचायती राज विभाग और होमगार्ड विभाग से मानदेय मिलने की चर्चा, नियमों की पड़ताल की मांग*
ठकराहा (पश्चिम चंपारण)। ठकराहा प्रखंड की मोतीपुर पंचायत के उमटोला वार्ड संख्या-07 के वार्ड सदस्य धर्मराज यादव को लेकर एक नया सवाल खड़ा हो गया है। उपलब्ध अभिलेखों और स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार धर्मराज यादव एक ओर निर्वाचित वार्ड सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिहार होमगार्ड से भी जुड़े हुए हैं। ऐसे में उन्हें दोनों व्यवस्थाओं के तहत मानदेय मिलने की बात सामने आई है।मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है कि क्या एक व्यक्ति एक साथ जनप्रतिनिधि और मानदेय प्राप्त करने वाली दूसरी सरकारी व्यवस्था से जुड़े पद पर रहते हुए दोनों स्रोतों से भुगतान प्राप्त कर सकता है। हालांकि इसका अंतिम निर्धारण संबंधित विभागों के नियमों और प्रावधानों के आधार पर ही संभव है।जानकारों का कहना है कि यदि दोनों पदों पर बने रहने तथा दोनों स्रोतों से मानदेय प्राप्त करने की अनुमति नियमों में है तो यह वैध माना जाएगा, लेकिन यदि किसी प्रकार की वैधानिक बाध्यता या प्रतिबंध है तो मामला जांच का विषय बन सकता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि धर्मराज यादव को किन नियमों के तहत दोनों विभागों से मानदेय प्राप्त हो रहा है। इससे भविष्य में भी ऐसे मामलों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें पंचायती राज विभाग, होमगार्ड संगठन तथा जिला प्रशासन की ओर हैं कि वे इस संबंध में क्या स्पष्टता प्रदान करते हैं।