बगहा एसडीएम पद पर बनी रहेंगी चांदनी कुमारी: बिहार सरकार ने जारी किया संशोधित आदेश, कई प्रशासनिक फेरबदल निरस्त

12 जुलाई को जारी अधिसूचना में आंशिक संशोधन, प्रशांत अभिषेक गोपालगंज में ही संभालेंगे प्रभार
इसराफील अंसारी
बगहा।बिहार सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के मोर्चे पर एक बड़ा निर्णय लेते हुए पूर्व में जारी किए गए प्रशासनिक स्थानांतरण आदेश में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 14 जुलाई 2026 को जारी नई अधिसूचना संख्या 12640/सा०प्र० के अनुसार, बगहा की अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) चांदनी कुमारी अपने पद पर पूर्ववत बनी रहेंगी।
क्या था मामला और क्या हुआ बदलाव:
इससे पूर्व, सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या 12429 (दिनांक 12.07.2026) के माध्यम से बिहार प्रशासनिक सेवा (बिप्रसे) के 45 पदाधिकारियों का बड़े पैमाने पर स्थानांतरण एवं पदस्थापन किया गया था। उस आदेश में बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी का भी स्थानांतरण शामिल था, और उनके स्थान पर गोपालगंज सदर के अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी प्रशांत अभिषेक को बगहा का नया एसडीएम नियुक्त किया गया था।
नवीनतम आदेश के अनुसार, सरकार ने पूर्व की अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए चांदनी कुमारी (गृह जिला-रोहतास) के स्थानांतरण को निरस्त कर दिया है। वे अब पश्चिम चम्पारण के बगहा अनुमंडल पदाधिकारी के पद पर अपनी सेवाएं निरंतर देती रहेंगी। इसके साथ ही, बगहा एसडीएम के पद पर स्थानांतरित किए गए प्रशांत अभिषेक का भी स्थानांतरण रद्द हो गया है और वे गोपालगंज सदर में ही अपने अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पुराने पद पर पूर्ववत बने रहेंगे।
इन अधिकारियों के आदेश में भी हुआ संशोधन:
सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना में केवल बगहा एसडीएम ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के स्थानांतरण को भी बदला गया है: रोजी कुमारी: अररिया की उप विकास आयुक्त (DDC)-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिन्हें 12 जुलाई के आदेश द्वारा भागलपुर का डीडीसी बनाया गया था, अब अररिया में ही अपने पद पर पूर्ववत बनी रहेंगी। रवि राकेश: पूर्णिया के अपर समाहर्त्ता-सह-अपर जिला दण्डाधिकारी (ADM), जिन्हें पहले अररिया का डीडीसी अधिसूचित किया गया था, अब उन्हें स्थानांतरित करते हुए उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद, भागलपुर के पद पर पदस्थापित किया गया है।
इस नई अधिसूचना के जारी होने से प्रशासनिक कयासबाजियों पर विराम लग गया है। जानकारों के अनुसार, सरकार के इस फैसले से बगहा अनुमंडल में प्रशासनिक निरंतरता बनी रहेगी, जिससे क्षेत्र के विकास कार्यों और स्थानीय कानून-व्यवस्था की मॉनिटरिंग सुचारू रूप से चलती रहेगी।साथ ही प्रभार के चक्कर में मामले लंबित नहीं रह सकेंगे।