3 मई को चम्पारण सद्भावना यात्रा को लेकर जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी पहुंचे बगहा, तैयारियों का लिया जायजा


3 मई को चम्पारण सद्भावना यात्रा को लेकर जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी पहुंचे बगहा, तैयारियों का लिया जायजा
बगहा।
यात्रा का उद्देश्य और शुरुआत
जदयू नेता निशांत कुमार की प्रस्तावित ‘सद्भाव यात्रा’ 3 मई से वाल्मीकिनगर से शुरू हो रही है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश देना है। निशांत कुमार 3 मई को वाल्मीकिनगर पहुंचेंगे और 4 मई को बेतिया में कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम होगा।
,अशरफ अंसारी का बगहा दौरा, जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी 2 मई को बगहा पहुंचे। उन्होंने ‘चम्पारण सद्भावना यात्रा’ की तैयारियों को लेकर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक बगहा आईबी में आयोजित हुई जहां 1 मई को सभी प्रखंडों में तैयारी समिति की बैठक का निर्णय लिया गया था।मौके पर मो निजामुद्दीन अंसारी, मो अंजर अंसारी, अब्दुल कय्यूम अंसारी,कलाम अंसारी, इजहार सिद्दीकी आदि आदि मौजूद रहे।
तैयारियों की समीक्षा
वाल्मीकि नगर कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को प्रमुख नेताओं ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान वाल्मीकि नगर के सांसद सुनील कुमार, एमएलसी भीष्म सहनी, यात्रा प्रभारी मंजीत सिंह, पूर्व विधायक रिंकू सिंह और जिलाध्यक्ष प्रभात रंजन सिंह मौजूद रहे।स्वागत और कार्यक्रम की रूपरेखा – बगहा के चौतरवा, मंगलपुर, लक्ष्मीपुर समेत कई स्थानों पर निशांत कुमार का भव्य स्वागत किया जाएगा।- निशांत कुमार गांधी नगर तथा अनुमंडल परिसर में प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करेंगे।- वाल्मीकिनगर के विभिन्न धार्मिक स्थलों और गंडक बराज का भ्रमण करेंगे।- कन्वेंशन सेंटर में प्रतिमा पर माल्यार्पण कर 4 मई को बेतिया प्रेक्षागृह के लिए रवाना होंगे।नेताओं के बयान सांसद सुनील कुमार: “निशांत कुमार अब जदयू और बिहार के भविष्य हैं, इसलिए उनकी इस यात्रा को ऐतिहासिक और यादगार बनाना आवश्यक है”- विधायक मंजीत सिंह, प्रभारी:”निशांत कुमार की इस सद्भाव यात्रा पर न केवल बिहार, बल्कि पूरे भारत की नजर है। 3 मई को वाल्मीकिनगर पहुंचेंगे और 4 मई को बेतिया में कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद करेंगे”- एमएलसी भीष्म सहनी: यात्रा में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।प्रशासनिक तैयारी
जौकटिया से लेकर वाल्मीकिनगर तक एक सौ से अधिक तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
निशांत कुमार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं। यह उनकी पहली ‘सद्भाव यात्रा’ है, जिसे वे महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि और महात्मा गांधी की कर्मभूमि वाल्मीकिनगर से शुरू कर रहे हैं। पार्टी ने इसे ‘सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया’ के बाद का कदम बताया है।