आपदा से निपटने को रहें पूरी तरह तैयार: जिला पदाधिकारी।

*आपदा से निपटने को रहें पूरी तरह तैयार: जिला पदाधिकारी।*

*फ्लड कंट्रोल से संबंधित सभी कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण किए जाएं।*

*तटबंध से राहत शिविर तक सब दुरुस्त रखें।*

*अग्निकांड की घटनाओं की रोकथाम को लेकर बरतें विशेष सतर्कता।*

*पीड़ितों को ससमय राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए तथा “क्या करें, क्या न करें” के बारे में गांव-गांव में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।*

*जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ 2026, भीषण गर्मी एवं लू तथा अग्निकांड से बचाव हेतु की जा रही तैयारियों की हुई विस्तृत समीक्षा।*

बेतिया। जिला पदाधिकारी  तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ 2026, भीषण गर्मी एवं लू तथा अग्निकांड से बचाव हेतु की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों की तैयारियों का गहन मूल्यांकन किया गया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक की शुरुआत में प्रभारी पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन शाखा  नगमा तब्बसुम द्वारा पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से अब तक की गई तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जिले में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाएं तैयार की जा रही हैं।

जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे, ताकि आमजन को न्यूनतम क्षति हो और त्वरित राहत उपलब्ध कराई जा सके।

समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि फ्लड कंट्रोल से संबंधित सभी कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण किए जाएं, ताकि बारिश से पहले सभी तैयारियां मुकम्मल हो सकें। उन्होंने तटबंधों की सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप उनकी सुदृढ़ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिला पदाधिकारी ने नावों के निबंधन एवं नाव मालिकों के साथ एकरारनामा शीघ्र पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में नियमित समीक्षा करें, जबकि आपदा प्रबंधन शाखा प्रतिदिन फॉलोअप सुनिश्चित करे। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को गोताखोरों की सूची तैयार करने, कम्युनिटी किचेन, बाढ़ राहत शिविर एवं बाढ़ आश्रय स्थलों को चिन्हित कर उनका भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया।

उन्होंने आपदा प्रबंधन शाखा को निर्देशित किया कि जो भी संसाधन क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें अविलंब दुरुस्त किया जाए। एसएफसी गोदामों तक पहुंचने वाले मार्गों की मरम्मत सुनिश्चित करने के साथ-साथ पर्याप्त खाद्यान्न भंडारण, मानव एवं पशुओं के लिए आवश्यक दवाइयों, पशुचारा एवं मोबाइल मेडिकल टीम के लिए माइक्रोप्लान तैयार रखने का निर्देश दिया। साथ ही एम्बुलेंस व्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाए रखने पर जोर दिया गया।

संभावित सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए कृषि विभाग, लघु जल संसाधन विभाग एवं पीएचईडी को अपनी-अपनी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। सार्वजनिक चापाकलों की मरम्मत को प्राथमिकता देते हुए उन्हें युद्धस्तर पर ठीक कराने की बात कही गई।

अग्निकांड की घटनाओं की रोकथाम को लेकर भी जिलाधिकारी ने विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को ससमय राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए तथा “क्या करें, क्या न करें” के बारे में गांव-गांव में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन जागरूक हो सकें। कार्यपालक अभियंता विद्युत को निर्देश दिया गया कि ट्रांसफार्मर एवं विद्युत तारों में स्पार्क की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

भीषण गर्मी एवं लू से बचाव के लिए नगर निगम एवं सभी नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही बारिश से पूर्व नालों की समुचित सफाई एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्री काजले वैभव नितिन, अपर समाहर्ता  राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी  अमरेन्द्र कुमार, वरीय उप समाहर्ता-सह-जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी  रोचना माद्री, वरीय उप समाहर्ता  ज्योति रानी सहित सभी एसडीओ, डीसीएलआर, अंचलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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