शादी-ब्याह में गैस की किल्लत दूर करने की पहल।

*शादी-ब्याह में गैस की किल्लत दूर करने की पहल।*
*वाणिज्यिक एलपीजीआपूर्ति को लेकर प्रशासन के सख्त निर्देश।*
बेतिया। जिले में शादी-विवाह के दौरान रसोई गैस की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार के निर्देश के आलोक में वैवाहिक कार्यों हेतु वाणिज्यिक एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।जिला आपूर्ति पदाधिकारी, पश्चिम चंपारण, अनिल कुमार सिन्हा द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि अब शादी समारोह के लिए गैस उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर गैस मिल सके और किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति के यहां विवाह कार्यक्रम निर्धारित है, उसे शादी का कार्ड संलग्न करते हुए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देना होगा। आवेदन में आवश्यक गैस सिलेंडरों की संख्या तथा संभावित अतिथियों की संख्या का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि अनुमंडल पदाधिकारी आवेदन के आधार पर अतिथियों की संख्या का आकलन करेंगे और उसी के अनुरूप संबंधित तेल कंपनियों को वाणिज्यिक गैस उपलब्ध कराने का निर्देश देंगे। यह आपूर्ति कार्यक्रम की तिथि एवं गैस की उपलब्धता के आधार पर की जाएगी, जिससे अनावश्यक मांग और कालाबाजारी पर रोक लग सके।
इसके साथ ही, शादी समारोह में खाना बनाने वाले रसोइयों एवं कैटरर्स को भी वाणिज्यिक गैस के लिए अनिवार्य रूप से निबंधन कराना होगा। संबंधित तेल कंपनियों को 5 से 7 दिनों के भीतर उनका पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि विवाह कार्य हेतु उपलब्ध कराई गई वाणिज्यिक गैस का उपयोग केवल उसी कार्यक्रम में किया जाएगा। इसके दुरुपयोग पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इसकी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिला प्रशासन ने सभी ओएमसी (तेल विपणन कंपनियों) के प्रतिनिधियों को भी निर्देशित किया है कि गैस वितरकों से प्राप्त मांग के आधार पर समय पर वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी विवाह समारोह में गैस की कमी न हो।