बेतिया : 41 स्थान पर हुआ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन



बेतिया।वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में चंपारण विभाग के सरस्वती विद्या मंदिर, बरवत सेना, बेतिया द्वारा ‘नमामि भारतम्—वन्दे मातरम्’ कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को प्रातः 11 बजे एक साथ, एक समय और एक स्वर में सामूहिक वन्दे मातरम् गायन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के तहत सरस्वती विद्या मंदिर, बरवत सेना, बेतिया द्वारा बेतिया शहर के विभिन्न विद्यालयों, संस्कार केंद्रों, अस्पतालों, पार्कों, वृद्धाश्रमों, वास्तु विहार सहित विभिन्न स्थानों पर विद्यालय के आचार्य दीदी जी द्वारा संपर्क कर तथा पूर्व छात्र संयोजक श्री विवेक किशोर जी द्वारा पूर्व छात्रों से संपर्क कर व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की गई। इसके परिणामस्वरूप 32 विद्यालयों, 6 संस्कार केंद्रों, शहीद स्मारक , अस्पताल, वृद्धाश्रम कुल 41 स्थानों पर एक साथ वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ। पूर्व छात्र द्वारा शहीद स्मारक पार्क में गायन हुआ जिसकी संख्या 51 थी और वहां मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती गरिमा देवी सिंह सिकारिया जी मौजूद रही । इस तरह सभी स्थानों को मिलाकर कुल संख्या 15995 थी। मुख्य अतिथि महोदया ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र गीत का गायन हम सभी के लिए गौरव का विषय है । मौके पर शहीद स्मारक में विवेक किशोर , दिवाकर राय , नवेंदु चतुर्वेदी सहित अन्य गणमान्यजन भी उपस्थित थे ।
मौसम प्रतिकूल होने के बावजूद विभिन्न आयोजन स्थलों पर विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। निर्धारित समय पर जैसे ही विभिन्न स्थानों से एक साथ ‘वन्दे मातरम्’ के स्वर गूंजे, पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो गया।
सरस्वती विद्या मंदिर, बरवत सेना, बेतिया विद्यालय में दीप प्रज्वलन के पश्चात् वंदे मातरम् गाया गया एवं कार्यक्रम में चंपारण विभाग के विभाग संचालक राजकिशोर , पूर्व छात्र एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त डॉ. ज्वाला प्रसाद , विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार , प्राथमिक खंड के प्रधानाचार्य गौरीशंकर प्रसाद, आचार्य राजकुमार, तरुण एवं रितेश रंजन यादव, विद्यालय कार्यालय प्रमुख अमित राज , वीरेंद्र , प्रियंका एवं सौम्या तथा कार्यक्रम संयोजक राजेश कुमार मिश्रा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहें।
इस अवसर पर विभाग संचालक राजकिशोर ने वन्दे मातरम् के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत की मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की सशक्त अभिव्यक्ति है। इसके प्रत्येक शब्द में भारत की भूमि, प्रकृति, संस्कृति और गौरवशाली परंपरा के प्रति सम्मान का भाव निहित है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के कठिन दौर में वन्दे मातरम् ने देशवासियों के भीतर राष्ट्रीय चेतना और एकता की भावना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस गीत ने स्वतंत्रता सेनानियों एवं आम जनमानस में मातृभूमि के प्रति समर्पण और त्याग की भावना को मजबूत किया। वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक साथ, एक समय और एक स्वर में इसका सामूहिक गायन सभी के लिए गौरव एवं प्रेरणा का विषय है।
विदित हो कि विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री फणीश्वरनाथ जी ने कार्यक्रम से पूर्व भैया-बहनों का आह्वान करते हुए कहा था कि राष्ट्रप्रेम केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वह हमारे आचरण, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति जिम्मेदारी में भी दिखाई देना चाहिए।
‘नमामि भारतम्—वन्दे मातरम्’ का यह आयोजन विद्यालय परिवार के साथ-साथ बेतिया शहर में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता तथा मातृभूमि के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने वाला रहा।