रामपुर में सरकारी और मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण से ग्रामीणों में उबाल

–रामपुर में सरकारी-मंदिर की जमीन पर कब्जे का आरोप को ले डीएम, एसडीएम व सीओ से गुहार
—पंचायत सरकार भवन, खेल मैदान व मेला ग्राउंड की जमीन पर निर्माण से ग्रामीणों में आक्रोश, जांच कर अतिक्रमण हटाने की मांग
विरोध में प्रदर्शन करते ग्रामीण
नरकटियागंज. प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज डुमरिया के रामपुर गांव में सरकारी एवं मंदिर की भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि सार्वजनिक एवं धार्मिक महत्व वाली करीब एक एकड़ जमीन पर अतिक्रमण कर मठ, झोपड़ी और दुकानें बना ली गई हैं. वहीं अब पक्के निजी मकान का निर्माण भी कराया जा रहा है. मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है.
ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से हस्ताक्षरित आवेदन जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण को सौंपकर पूरे मामले की जांच एवं कार्रवाई की मांग की है. इसके अलावा लोक शिकायत निवारण प्रणाली के तहत बिहार सरकार के सहयोग पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई है. शिकायत का पंजीकरण संख्या REF8756519 है. ग्रामीणों के अनुसार शिकायत को त्वरित कार्रवाई के लिए अपर जिला दंडाधिकारी को अग्रसारित किया गया है.
खाता संख्या 02 और खेसरा 107 की जमीन पर कब्जे का आरोप
शिकायत में ग्रामीणों ने बताया है कि रामपुर गांव में खाता संख्या 02 और खेसरा संख्या 107 के अंतर्गत करीब एक एकड़ सरकारी भूमि है. यह भूमि ग्रामीणों के लिए काफी महत्वपूर्ण है. इसी परिसर में बच्चों के खेलने के लिए खेल मैदान और पारंपरिक मेला ग्राउंड स्थित है. इसके अलावा यहां प्राचीन शिव मंदिर भी स्थापित है. वर्तमान में इसी परिसर में सरकार की ओर से पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जा रहा है.
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों द्वारा उक्त सार्वजनिक भूमि पर धीरे-धीरे कब्जा किया जा रहा है. शिकायत में वीरेन्द्र शर्मा, पिता रघुनाथ शर्मा तथा ओमप्रकाश शर्मा, पिता रामविलास शर्मा के नाम भी दर्ज कराए गए हैं. हालांकि, इन आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
मठ, झोपड़ी व दुकान के बाद पक्का मकान बनाने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी और मंदिर से जुड़ी भूमि पर पहले मठ, झोपड़ी तथा दुकानें बनाई गईं. अब पक्के निजी मकान का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है. ग्रामीणों के अनुसार यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो सार्वजनिक उपयोग की यह जमीन पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में आ सकती है. इससे खेल मैदान, मेला ग्राउंड और मंदिर परिसर का अस्तित्व प्रभावित होने की आशंका है.
तत्काल निर्माण रोकने की मांग
मामले को लेकर संजीत कुमार मिश्रा, मिंटू महतो, संजीव कुमार, रेवती रमन मिश्र, कमलेश महतो, फुलेना यादव, शंभू कुशवाहा, सुमित विद्रोही, गोपाल पटेल और राजू मिश्र समेत अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. आवेदन की प्रतिलिपि अनुमंडल पदाधिकारी नरकटियागंज, अंचलाधिकारी तथा शिकारपुर थाना अध्यक्ष को भी दी गई है.
ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने तथा जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होने पर उसे हटाने की मांग की है. साथ ही सार्वजनिक खेल मैदान, मेला ग्राउंड, पंचायत सरकार भवन की भूमि और प्राचीन शिव मंदिर परिसर को अतिक्रमणमुक्त कर सुरक्षित कराने की अपील की है.