चैतन्य झांकी के साथ मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

*चैतन्य झांकी के साथ मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी*

रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार

सिमराही बाजार (सुपौल)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ओम शांति भवन के सभागार में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में भव्य एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री राधा-कृष्ण की चैतन्य झांकी आकर्षण का केंद्र रही।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू, राजस्थान से आए बीके भगवान भाई, मधेपुरा क्षेत्रीय प्रभारी राजयोगिनी रंजू दीदी, सिमराही सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बबीता दीदी सहित बीके किशोर भाई, परमेश्वर सिंह यादव, अनिल महतो , भूपेंद्र यादव, अरुण जायसवाल, विद्यानंद दास, महेंद्र यादव,  मुख्य पार्षद यशोदा देवी एवं उप मुख्य पार्षद बिनीता देवी ने संयुक्त रूप से श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की।

इस दौरान अतिथियों ने बाल कृष्ण को माखन खिलाया, झूला झुलाया तथा मटका फोड़कर जन्माष्टमी का उल्लास मनाया। कार्यक्रम में आध्यात्मिकता, भारतीय संस्कृति और श्रीकृष्ण के दिव्य चरित्र का संदेश दिया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने चैतन्य झांकी के दर्शन कर कार्यक्रम का आनंद लिया।

ब्रह्माकुमारी द्वारा आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी का शुभारंभ संजीव चौरसिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया

रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार

पटना। दीघा विधानसभा के पुनाईचक स्थित लागमणि गार्डन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया गया।
महोत्सव का शुभारंभ सत्तारूढ़ के मुख्य सचेतक और दीघा विधानसभा के विधायक, संजीव चौरसिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज के दिन ही भगवान कृष्ण का जन्म कंश के कारावास मथुरा में हुआ था। वासुदेव के आठवें पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण ने जन्म लेकर कंश का वध किया था। यह महोत्सव अधर्म पर धर्म और हिंसा पर अहिंसा का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि महाभारत का युद्ध भी यही दर्शाता है। भगवान कृष्ण ने भगवत गीता में मानव जीवन के मूल्यों को दर्शाया है। मौके पर भोला प्रसाद , अधिवक्ता भी मौजूद थे।
इस अवसर पर भगवान कृष्ण के जन्म से संबंधित चैतन्य झांकी भी निकाला गया।

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