रक्षा बंधन

*रक्षा बंधन*



रचना *डॉ अनमोल कुमार*

कलाई पर राखी, दिल में प्यार,
भाई-बहन का अटूट है ये त्योहार।

बहन ने बांधा धागा रेशम का,
भाई ने वादा किया रक्षा का।

न कोई गिला, न कोई शिकवा,
बस यही है रिश्ता सबसे पक्का।

कितनी भी दूर चले जाएं हम,
ये बंधन कभी टूटे न कम।

*रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं*

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