मोक्ष- ज्ञान की नगरी गयाजी से अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावे चोरी में शामिल लोगों को बेनकाब करने की अभियान का शुभारंभ

*मोक्ष- ज्ञान की नगरी गयाजी से अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावे चोरी में शामिल लोगों को बेनकाब करने की अभियान का शुभारंभ*

रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार

गयाजी । विश्व के सैकड़ों करोड़ सनातनियों के आस्था, विश्वास का केंद्र अयोध्या के श्रीराम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के जिम्मेदार मंदिर के प्राण- प्रतिष्ठा करने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ट्रस्ट के महासचिव चमपत राय एवं ट्रस्टी अनिल मिश्रा का पुतला दहन मोक्ष- ज्ञान की नागरी गयाजी के स्थानीय चांदचौरा- विष्णुपद तीन मुहानी के पास कॉंग्रेस पार्टी एवं श्रीराम मंदिर चढावा चोरी उजागर कराओ संघर्ष समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
         श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी उजागर कराओ संघर्ष समिति के संयोजक प्रो विजय कुमार मिट्ठू ने कहा कि कार्यक्रम की अध्यक्षता गया जिला कॉंग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार झुना ने किया  तथा कार्यक्रम में   शामिल विजय कुमार मिट्ठू, स्थानीय  पार्षद प्रतिनिधि शशि किशोर शिशु,  पूर्व  जिला  पार्षद सुमंत्र कुमार, जिला उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह,  राम प्रमोद सिंह,  युगल किशोर सिंह,  दामोदर गोस्वामी,  विद्या शर्मा, प्रदीप शर्मा, विपिन बिहारी सिन्हा, शिव कुमार चौरसिया, राज कपूर  गुप्ता, कमलेश चंद्रवंशी ,ओंकार शक्ति, अशोक कुमार भारती, टिंकू गिरी, अर्जुन प्रसाद, शिव नाथ प्रसाद, चंदन कुशवाहा,सुनील कुमार  सिन्हा,  राजू  चंद्रवंशी,  परशुराम  सिंह,  पुरुषोत्तम पांडा,   शामुलाल बिठल ,  आदि ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए एक ट्रस्ट का गठन किया गया,  जिसमें प्रधानमंत्री ने अपने पसंदीदा लोगों को शामिल किया तथा इसके निर्माण  शुरू होते ही भ्रष्टाचार की बातें सामने आने लगी थी,  सबसे पहले भूमि खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप लगे,  सरकार ने जांच कराने की बात  कही,  लेकिन उस जांच का नतीजा आजतक सामने  नहीं आया,  फिर मंदिर निर्माण में भ्रस्टाचार की बातें सामने आई और अब चढ़ावे की चोरी की बातें सामने आयी है।
     नेताओं ने कहा कि श्रीराम मंदिर चढ़ावे चोरी की बातें सामने आने पर चमपत राय ने शुरू में कहा कोई उल्लेखनीय गडबडी नहीं हुई है,  लेकिन  जैसे-जैसे परते खुलती गई, ट्रस्ट के ही एक वरिष्ठ सदस्य ने इसे भ्रष्टाचार नहीं डाका बताया तथा यह डाका हज़ारों करोड़ नगद रुपया सहित सोने,  चांदी,  हीरे,  जवाहरात का है जो बेहद गंभीर विषय है,  क्योंकि  यह मामला करोड़ों  भारतीयों की आस्था से जुड़ा हुआ है।
     नेताओं ने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों भारतीयों ने श्रद्धा और विश्वास के साथ दान दिया,  लेकिन ट्रस्ट के लोगों ने इनके  भावनाओं के साथ  खिलवाड़ किया और जम कर लूट की।
      नेताओं ने कहा कि श्रीराम मंदिर के ट्रस्ट के वित्तीय जांच पड़ताल के लिए ऐजेंसियों को नियुक्त किया गया था,  उन ऐजेंसियों ने कई सुझाव दिए,  लेकिन ट्रस्ट के लोगों ने उन सुझावों को नजरअंदाज कर दिया, जब चोरी की घटनाओं का खुलासा होने लगा तो मंदिर के कैश काऊंटीग एजेंट महिपाल सिंह ने कई बातें सार्वजानिक की तो उन्हें पद से हटा दिया गया,  तथा इसके आगे और  खुलासे होने लगे,  तो सी सी टी वी कैमरे हटा दिए गए और कैमरो की रेकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई, इस मामले में एस आई टी रिपोर्ट के बाद कुछ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई,  लेकिन इसमें  सिर्फ छोटे कर्मचारियों का ही नाम शामिल हैं, ख़बरें ये भी आई की चमपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया,  लेकिन थोड़ी देर बाद कहा गया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ ।
     नेताओं ने कहा कि कॉंग्रेस पार्टी पहले से ही कहती रही है कि इन लोगों  की नियत सही नहीं है,  लेकिन इन बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया तथा देश जानना चाहती है कि इतने  बड़े मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खामोश क्यों है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनीश कुमार ने कहा कि नरेन्द्र मोदी जी कहते थे कि चौकीदार है हम लेकिन चौकीदारी में बिफल रहे इसलिए वो इस्तीफा दें।
   नेताओं ने कहा कि कॉंग्रेस पार्टी एवं श्रीराम मंदिर चढावा चोरी उजागर कराओ संघर्ष समिति इस मुद्दे को घर -घर, जन- जन मे पहुचा कर सम्पूर्ण देशभर के लोगो को अयोध्या में जुटाने कर इसमे शामिल लोगों को बेनकाब करेगी तथा सरकार से राम मंदिर के ट्रस्ट को तत्काल भंग करने, ट्रस्ट के जिम्मेदार लोगों की तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, इस पूरे प्रकरण कि  जांच सुप्रिम कोर्ट के सिटिंग ज़ज कि देख- रेख मे कराने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे बढ़ कर इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग पूरी होने तक जारी रहेगी।

Categories: education