बिहार में किसानों को गन्ना रोपाई के लिए समय पर नहीं मिल रहा अनुदान,सिस्टम विरूद्ध विधायक सुरेन्द्र ने उठायी आवाज

प्रो.डाॅ.अरविन्द नाथ तिवारी
बिहार/बिहार में गन्ना किसानों का मुख्य और नकदी फसल माना जाता है। सरकार गन्ना किसानों को खेती बढ़ाने और लागत कम करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अनुदान (सब्सिडी) प्रदान भी करती है। वर्तमान समय  में मुख्य रूप से निम्न प्रकार की सहायता सरकार दे रही है।प्रमाणित गन्ना बीज पर अनुदान मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के अंतर्गत किसानों को प्रमाणित गन्ना बीज खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।कई क्षेत्रों में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से छोटे किसानों (जैसे 5 एकड़ तक) को निःशुल्क या भारी अनुदान पर बीज उपलब्ध कराने की भी पहल की गई है। गन्ना यंत्रीकरण (Mechanization) पर सब्सिडी गन्ना रोपण, खेत की तैयारी और कटाई में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों की खरीद पर लगभग 50% से 60% तक अनुदान दिया जा रहा है।


अनुदान की राशि पात्र किसानों के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण गन्ना उद्योग विभाग किसानों को उन्नत किस्मों, आधुनिक खेती तकनीकों और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम भी उपलब्ध कराता है।सरकार के द्वारा दी गयी सुविधा को अमलीजामा पहनाने में अफसरशाही बाधक बन रही है।किसानों को समय पर आवेदन के बाद भी समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है।उल्लेखनीय है कि प्रमाणित गन्ना बीज पर अनुदान सामान्य वर्ग के किसानों के लिए: ₹210 प्रति क्विंटल,अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के किसानों के लिए: ₹240 प्रति क्विंटल देती है।वही बड चिप/सिंगल बड तकनीक से रोपाई पर अनुदान
अधिकतम ₹15,000 तक का अनुदान दिया जाता है।
यह लाभ अधिकतम 1 एकड़ क्षेत्र तक के लिए उपलब्ध है।
आवेदन करने के लिए ऑनलाइन आवेदन गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार के पोर्टल पर किया जाता है,परन्तु धरातल पर किसानों द्वारा आवेदन करने के बाद भी समय पर सरकार द्वारा अनुदान नहीं मिल रहा ,जिससे किसान परेशान है।समय पर अनुदान नहीं मिलने पर गन्ना की रोपाई-सिंचाई आदि प्रभावित हो जाती है,जिसके चलते पुरे बिहार के गन्ना किसान त्रस्त हो जा रहें हैं,जो पुरे बिहार के गन्ना किसानों की समस्या है।

उक्त समस्या को अपने विधान सभा वाल्मीकिनगर में दूर करने के लिए कांग्रेस विधायक सुरेन्द्र प्रसाद ने बिहार सरकार के गन्ना मंत्री से मिलकर एक ज्ञापन दिया है।दिये गये ज्ञापन में उन्होंने मंत्री को बताया है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गन्ना किसानों द्वारा मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम के तहत बीज की राशि देय अनुदान राशि के भुगतान से संबंधित समस्या लगातार मेरे संज्ञान में लाई जा रही है।सहायक निदेशक, ईख विकास, बगहा द्वारा आपके विभाग को वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न मदों में बीज की राशि अनुदान राशि की स्वीकृति के लिए संशोधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है। इसके बावजूद क्षेत्र के गन्ना किसानों को मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के तहत बीज की राशि देय ₹50 प्रति क्विंटल अनुदान का भुगतान अब तक नहीं हो सका है।यह राशि किसानों को खेती की लागत कम करने और बेहतर प्रमाणित गन्ना बीज प्राप्त करने के लिए बेहद आवश्यक है। विलंब होने से किसानों में भारी निराशा है और वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि जनहित में अविलंब संज्ञान लेते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत लंबित बीज अनुदान राशि (₹50 प्रति क्विंटल) का गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा बगहा के किसानों के खातों में सीधा भुगतान (DBT) करने की कृपा की जाय।विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने बताया है कि विभागीय मंत्री द्वारा कार्रवाई करने के लिए आदेश जारी किया है। यक्ष प्रश्न यह है कि बिहार में एनडीए की सरकार है एनडीए के विधायक अपने क्षेत्र में किसानों की समस्या से  अवगत है, यह बात उनके द्वारा नहीं उठायी जा रही है,बहरहाल विधायक सुरेन्द्र प्रसाद द्वारा गन्ना किसानों की समस्या से गन्ना मंत्री को बतलाना और समस्या का समाधान कराना किसानों के लिए वरदान से कम नहीं है।

Categories: गन्ना किसान