मुझ पर दोस्तों का प्यार*

*मुझ पर दोस्तों का प्यार*

रचना – अनमोल कुमार

मुझ पर दोस्तों का प्यार,
  यूँ ही उधार रहने दो |
    बड़ा हसीन है, ये कर्ज,
      मुझे कर्ज़दार रहने दो !

वो आँखें जो छलकती हैं,
   ग़म में, ख़ुशी में, मेरे लिए |
     उन सभी आँखों में सदा,
       प्यार बेशुमार रहने दो !

मौसम लाख बदलते रहें,
     आएँ भले बसंत-पतझड़ |
       मेरे यारों को जीवन भर,
         यूँ ही सदाबहार रहने दो !

महज दोस्ती नहीं ये,
   बगिया है विश्वास की |
     प्यार, स्नेह के फूलों से,
       इसे गुलज़ार रहने दो !

वो मस्ती, वो शरारतें,
    न तुम भूलो, न हम भूलें |
      उम्र बढ़ती है..खूब बढ़े,
        जवाँ ये किरदार रहने दो। आज मित्रता दिवस के मौके पर सभी  दोस्तों को समर्पित।

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