साहित्य

ये जिंदगी है यारों

ये जिंदगी है यारों

*ये जिंदगी है यारों* *रचना – अनमोल कुमार* *-कभी तानों में कटेगी,**कभी तारीफों में;**ये जिंदगी है यारों,**पल पल घटेगी !!* *-पाने को कुछ नहीं,**ले जाने को कुछ नहीं;**फिर भी क्यों चिंता करते हो,**इससे सिर्फ खूबसूरती घटेगी,**ये जिंदगी है यारों पल-पल घटेगी!* *बार बार रफू करता रहता हूँ,**..जिन्दगी की जेब !!**कम्बखत फिर भी,**निकल जाते हैं…,**खुशियों के […]

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पितरों को नमन*

पितरों को नमन*

*पितरों को नमन* *अनमोल कुमार* *वो कल थे तो आज हम हैं**उनके ही तो अंश हम हैं..* *जीवन मिला उन्हीं से**उनके कृतज्ञ हम हैं..* *सदियों से चलती आयी**श्रंखला की कड़ी हम हैं..* *गुण धर्म उनके ही दिये**उनके प्रतीक हम हैं..* *रीत रिवाज़ उनके हैं दिये**संस्कारों में उनके हम हैं..* *देखा नहीं सब पुरखों को**पर उनके […]

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उन्मेष: अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव’ का तीसरा संस्करण पटना में

उन्मेष: अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव’ का तीसरा संस्करण पटना में

*उन्मेष: अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव’ का तीसरा संस्करण पटना में* *साहित्य अकादेमी द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और बिहार सरकार के सहयोग से 25 सितंबर से होगा चार दिवसीय आयोजन* रिपोर्ट अनमोल कुमार नई दिल्ली / पटना। ‘उन्मेष’ अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव के तीसरे संस्करण का आयोजन इस बार पटना में 25 से 28 सितंबर 2025 के […]

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बगहा के हेलो किड्स स्कूल में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस।

बगहा के हेलो किड्स स्कूल में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस।

बगहा।बगहा नगर के पारस नगर स्थित हेलो किड्स स्कूल में शुक्रवार को शिक्षक दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया।इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपने शिक्षकों को गुलदस्ता और ग्रीटिंग कार्ड भेंट कर सम्मान प्रकट किया।इस कार्यक्रम की शुरुआत रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई।बच्चों ने गीत,नृत्य और कविताओं के जरिए अपने […]

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मुझ पर दोस्तों का प्यार*

मुझ पर दोस्तों का प्यार*

*मुझ पर दोस्तों का प्यार* रचना – अनमोल कुमार मुझ पर दोस्तों का प्यार,  यूँ ही उधार रहने दो |    बड़ा हसीन है, ये कर्ज,      मुझे कर्ज़दार रहने दो ! वो आँखें जो छलकती हैं,   ग़म में, ख़ुशी में, मेरे लिए |     उन सभी आँखों में सदा,       प्यार बेशुमार रहने दो ! मौसम लाख बदलते […]

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दर्द कागज पर,मेरा बिकता रहा…

दर्द कागज पर,मेरा बिकता रहा…

*दर्द कागज पर,मेरा बिकता रहा…*              प्रस्तुति – अनमोल कुमार                *दर्द कागज़ पर,*           *मेरा बिकता रहा,* *मैं बैचैन था,*           *रातभर लिखता रहा..* *छू रहे थे सब,*          *बुलंदियाँ आसमान की,* *मैं सितारों के बीच,*          *चाँद की तरह छिपता रहा..* *अकड होती तो,*           *कब का टूट गया होता,* *मैं था नाज़ुक डाली,*           *जो […]

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गुरुदेव डॉ अरुणेश नीरन -अब नहीं रहे -पं-भरत उपाध्याय।

गुरुदेव डॉ अरुणेश नीरन -अब नहीं रहे -पं-भरत उपाध्याय।

आज बुधवार के सुबह इस झकझोर देने वाली खबर से हुई कि ,गुरुदेव नीरन जी नहीं रहे।शुभाश्रम परिसर में मानस मर्मज्ञ अखिलेश शांण्डिल्य ने भावुक होकर कहा- भोजपुरी का ध्रुव तारा नहीं रहा!उनसे भोजपुरी की दिशा का ज्ञान होता था। भोजपुरी साहित्य के जाने-माने रचनाकार, समकालीन भोजपुरी, साहित्य पत्रिका के संपादक और शिक्षाविद् डॉ अरुणेश […]

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उच्च शिक्षा के दशा एवं दिशा पर विचार गोष्ठी।

उच्च शिक्षा के दशा एवं दिशा पर विचार गोष्ठी।

*शिक्षा समागम सह स्वागत समारोह* रिपोर्ट अनमोल कुमार गयाजी । स्थानीय रेड काॅस सोसाइटी के सभागार में उच्च शिक्षा के दशा एवं दिशा पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। शिक्षा समागम सह स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए जीवन कुमार और बंशीधर ब्रजवासी ने संबोधित करते हुए कहा कि आज शिक्षा एक व्यवसाय बन […]

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गुरुदेव डॉ अनिरूद्ध चतुर्वेदी जी हुए सम्मानित -पं-भरत उपाध्याय*

गुरुदेव डॉ अनिरूद्ध चतुर्वेदी जी हुए सम्मानित -पं-भरत उपाध्याय*

*गुरुदेव डॉ अनिरूद्ध चतुर्वेदी जी हुए सम्मानित -पं-भरत उपाध्याय*सरयूपारीण ब्राह्मण परिषद, काशी इकाई-देवरिया द्वारा नागरी प्रचारिणी सभा के तुलसी सभागार में गुरु पूजन महोत्सव का आयोजन डॉ मधुसूदन मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में किया गया। जिसमें श्रेष्ठ विद्वानों द्वारा आचार्य चंद्रभूषण पांडेय डॉक्टर अनिरुद्ध चतुर्वेदी,डॉक्टर सिंहासन पांडेय सहित दर्जनों गणमान्य विद्वानों को सम्मानित किया गया।इस […]

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अमृत प्रभात 🕉️*उम्मीद का दिया जलाए रखें -पं-भरत उपाध्याय

अमृत प्रभात 🕉️*उम्मीद का दिया जलाए रखें -पं-भरत उपाध्याय

*🕉️ अमृत प्रभात 🕉️**उम्मीद का दिया जलाए रखें -पं-भरत उपाध्याय*एक घर मे *पांच दिए* जल रहे थे।एक दिन पहले एक दिए ने कहा -इतना जलकर भी *मेरी रोशनी की* लोगो को *कोई कदर* नही है.तो बेहतर यही होगा कि मैं बुझ जाऊं।वह दिया खुद को व्यर्थ समझ कर बुझ गया । जानते है वह दिया […]

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