जमीन विवाद: अवैध साक्ष्य के आधार पर मापी के आदेश पर भूस्वामी ने जताई घोर आपत्ति, रुकी पैमाइश

जमीन विवाद: अवैध साक्ष्य के आधार पर मापी के आदेश पर भूस्वामी ने जताई घोर आपत्ति, रुकी पैमाइश
बगहा/सेमरा।
अंचल बगहा-दो के अंतर्गत हल्का सेमरा कटकूइया के मौजा वृन्दावन में एक जमीन की पैमाइश (मापी) को लेकर विवाद सामने आया है। वर्षों से काबिज भूस्वामी द्वारा अवैध साक्ष्यों के आधार पर मापी आदेश निर्गत कराने का आरोप लगाते हुए आपत्ति दर्ज कराई गई, जिसके बाद मौके पर पहुंचे अंचल अमीन को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजा वृन्दावन स्थित उक्त भूमि पर वर्षों से भूस्वामी जावेद अख्तर (पिता- स्वर्गीय हैदर अली) का शांतिपूर्ण दखल-कब्जा कायम है। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों ने बताया कि सेमरा निवासी संदीप कुमार (पिता- मुरारी राम) ने इस भूमि को अपनी बताते हुए अंचल कार्यालय से इसकी पैमाइश का आदेश जारी करवा लिया था।
शनिवार को जब अंचल के अमीन मापी करने के लिए मौके पर पहुंचे, तो भूस्वामी जावेद अख्तर ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त भूमि का मामला फिलहाल माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। जब तक न्यायालय द्वारा भूमि विवाद का अंतिम निपटारा नहीं कर दिया जाता, तब तक इस पर किसी भी प्रकार की पैमाइश या प्रशासनिक गतिविधि न्यायसंगत नहीं है।
चौहद्दी और रकबा में हेरफेर का आरोप
ग्रामीणों और मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने संबंधित आदेश कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि:
जिस भूमि की मापी कराने का प्रयास किया जा रहा था, उसके कागजातों में दर्ज चौहद्दी और रकबा का जमीन से कोई मिलान नहीं हो रहा है।
आवेदक द्वारा अंचल कार्यालय को भ्रामक और गलत साक्ष्य प्रस्तुत कर मापी का आदेश पारित कराया गया है।
अंचल अमीन का बयान:
मौके पर पहुंचे अंचल अमीनों ने बताया कि भूस्वामी जावेद अख्तर द्वारा न्यायालय के समक्ष विचाराधीन मामले के दस्तावेजों के साथ आपत्ति दर्ज कराई गई है। विरोध और विधिक अड़चन को देखते हुए मापी का कार्य तत्काल रोक दिया गया है। मामले की पूरी रिपोर्ट (प्रतिवेदन) तैयार कर उच्चाधिकारियों को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है।
मौके पर मौजूद रहे कई गणमान्य
तनाव और विवाद की स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण इकट्ठा हो गए। इस दौरान मुख्य रूप से शंकर यादव, रामचंद्र उरांव, बृजेश यादव, हरिहर यादव, सुग्रीव यादव, अमीन मियां, आवेदक संदीप कुमार, मुरारी राम, हरिश्चंद्र राम सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे। ग्रामीणों ने भी सर्वसम्मति से मामले के न्यायालय में होने के कारण यथास्थिति बनाए रखने की वकालत की।बता दे कि उक्त भुमि पर जावेद अख्तर का विगत 40-50 वर्षों से दखल कब्जा एवं घर द्वार बागीचा वगैरह है।