हिन्दी पत्रकारिता दिवस – विशेष

*हिन्दी पत्रकारिता दिवस – विशेष*

प्रस्तुति – डॉ अनमोल कुमार

*तारीख और वजह* 
*30 मई* – 1826 में इसी दिन पं. जुगल किशोर शुक्ल ने कलकत्ता से *’उदन्त मार्तण्ड’* निकाला। ये भारत का पहला हिन्दी साप्ताहिक अखबार था। इसलिए 30 मई को हिन्दी पत्रकारिता का जन्मदिन मानाया जाता है।
उदन्त मार्तण्ड’ की खास बातें
नाम का मतलब : उगता हुआ सूरज 
भाषा : ब्रज और खड़ी बोली का मिश्रण 
कीमत: 2 आना प्रति अंक 
बंद कब हुआ : 4 दिसंबर 1827 – हिन्दी जानने वाले पाठक कर्मी थे, आर्थिक तंगी से सिर्फ 79 अंक बाद बंद हो गया। 
पहला अंक की खबर : कलकत्ता में माल की आवाजाही, नौकरी, कोर्ट-कचहरी की खबरें।

हिन्दी पत्रकारिता की यात्रा
1826: उदन्त मार्तण्ड  शुरुआत 
1854 : ‘समाचार सुधावर्षण’  पहला हिन्दी दैनिक 
1887 : ‘हिन्दी प्रदीप’  बालकृष्ण भट्ट, निबंध पत्रकारिता की नींव 
1900 : ‘सरस्वती’ – महावीर प्रसाद द्विवेदी, भाषा का परिष्कार 
1913 : ‘प्रताप’ – गणेश शंकर विद्यार्थी, क्रांतिकारी पत्रकारिता 
1947 : ‘आज’, ‘नवभारत टाइम्स’ – आजादी के बाद विस्तार 

आज की हिन्दी पत्रकारिता 
पाठक संख्या : भारत में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले अखबार हिन्दी के हैं – दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, अमर उजाला , हिन्दुस्तान और प्रभात खबर
डिजिटल क्रांति : यूट्यूब, पोर्टल, मोबाइल ऐप से गाँव-गाँव तक पहुँच 
चुनौती : फेक न्यूज, टी आर पु बढ़ाने की होड़, भाषा का गिरता स्तर

हिन्दी पत्रकारिता दिवस की शुभकामनायें।

एक नारा:
“कलम की ताकत से बदलें समाज, 
हिन्दी पत्रकारिता पर करें नाज़”

पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हो।

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