*राज्यसभा चुनाव में राजद का उम्मीदवार पिछड़ा ,दलित या अल्पसंख्यक बीच से नहीं था – विधायक सुरेंद्र प्रसाद*

विधायक सुरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा प्रेस कांफ्रेंस करते हुए
*जिनलोगों ने हमारी विधान सभा चुनाव में जीत के लिए वोट दिया ही नहीं उनको मैं क्यों वोट देता*
अरविंद नाथ तिवारी
बगहा।सोलह मार्च को राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल का उम्मीदवार पिछड़ा ,अत्यंत पिछड़ा ,दलित या अल्पसंख्यक समाज से नहीं आते हैं।राजद का घोषित उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह अगड़ी जाति से आते हैं,जो महागठबंधन के मापदंड के हिसाब से सटीक नहीं बैठ रहे थे,जिनलोगों ने हमारी विधान सभा चुनाव में जीत के लिए वोट दिया ही नहीं उनको मैं क्यों वोट देता,इसलिए मेरी जमीर अनुमति नहीं दी ,कि अमरेंद्र धारी सिंह को वोट दूं।उक्त बातें वाल्मीकिनगर विधान सभा के विधायक सुरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा ने बगहा नगर परिषद स्थित लवकुश मैरिज के सभागार में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही है।
आगे उन्होंने कहा है कि अल्पसंख्यक, पिछड़ा या दलित समाज से प्रत्याशी दिया रहता तो मैं निश्चित वोट करता।राजद को चाहिए था कि व्यवसायी अमरेंद्र धारी सिंह के जगह पर दीपक यादव,हिना खां,मुकेश सहनी के बीच से किसी को प्रत्याशी बनाना,परन्तु राजद ने ऐसा नहीं किया,इतना ही नहीं चुनाव के पहले हमारे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के साथ कोई बैठक नहीं कि गयी।राजद ने गठबंधन धर्म नहीं निभाया,यह देखकर पार्टी ने भी हमलोग को अपने विवेक के आधार पर वोट देने के लिए स्वतंत्र कर दिया। उल्लेखनीय है कि सोलह मार्च सोमवार के दिन हुए चुनाव में कांग्रेस के तीन और आरजेडी के एक विधायक ने मतदान नहीं किया था, जिसकी वजह से एनडीए सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही।अब कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने राज्यसभा चुनाव में मतदान न करने पर सफाई दी है।