जागरूकता ही HIV/AIDS से बचाव का सबसे बड़ा उपाय : जिला पदाधिकारी।


*जागरूकता ही HIV/AIDS से बचाव का सबसे बड़ा उपाय : जिला पदाधिकारी।*
*रक्तदान सबसे बड़ा मानव सेवा का कार्य।*
*स्वैच्छिक रक्तदान से बचाई जा सकती है कई जिंदगियां।*
*खेल के साथ मानवता की मिसाल: क्रिकेट कप और स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन।*
*रक्तदान शिविर में 60 यूनिट रक्त संग्रह।*
*पुलिस-प्रशासन ने रक्तदान कर दिया सेवा का संदेश।*
बेतिया। जिला प्रशासन पश्चिम चम्पारण, बेतिया एवं बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को पुलिस लाइन बेतिया में HIV/AIDS के प्रति जागरूकता और इसके रोकथाम के उद्देश्य से “AIDS Helpline Number 1097 Cricket Cup”का आयोजन किया गया। इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को खेल के जरिए HIV/AIDS से बचाव, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिले में जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आम लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से *स्वैच्छिक रक्तदान शिविर-सह-जागरूकता अभियान* का भी आयोजन किया गया। इस शिविर में पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों और कर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा उत्साहपूर्वक रक्तदान करते हुए लगभग 60 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया।
रक्तदान शिविर में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल बेतिया (जीएमसीएच) की चिकित्सकीय टीम, प्रयोगशाला प्रावैधिकी और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के साथ मौजूद रही। टीम द्वारा सभी रक्तदाताओं की चिकित्सकीय जांच के बाद सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया गया। इस पहल का उद्देश्य गंभीर मरीजों, दुर्घटना पीड़ितों और जरूरतमंदों के लिए समय पर रक्त उपलब्ध कराना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान की भावना को मजबूत करना है।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने कहा कि HIV/AIDS के प्रति जागरूकता आज की बड़ी आवश्यकता है। खेल और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को जोड़कर उन्हें इस गंभीर बीमारी के प्रति सचेत करना अधिक प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और इससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। जिला प्रशासन आगे भी इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
वहीं वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने कहा कि पुलिसकर्मी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। रक्तदान शिविर में पुलिसकर्मियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि वे समाज के लिए हर स्तर पर सहयोग देने को तैयार हैं।
परियोजना निदेशक, बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना के श्री सुमित कुमार ने कहा कि HIV/AIDS के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए युवाओं को जोड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि एड्स हेल्पलाइन नंबर 1097 के माध्यम से कोई भी व्यक्ति HIV/AIDS से संबंधित जानकारी, परामर्श और सहायता प्राप्त कर सकता है। इस तरह के कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी पश्चिम चम्पारण, बेतिया तरनजोत सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक बेतिया डॉ. शौर्य सुमन, परियोजना निदेशक सुमित कुमार, अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, संयुक्त निदेशक मनोज कुमार सिन्हा, सहायक निदेशक आलोक कुमार सिंह, निदेशक, डीआरडीए, अरुण प्रकाश तथा विशेष कार्य पदाधिकारी जिला गोपनीय शाखा सुजीत कुमार सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को खेल, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए HIV/AIDS के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।