अरवल में बौद्धिक संपदा अधिकार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


*अरवल में बौद्धिक संपदा अधिकार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित*
रिपोर्ट अनमोल कुमार
अरवल। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आनन्द विहार रिसोर्ट में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्यमियों, स्टार्टअप और युवाओं को पेटेंट, ट्रेडमार्क तथा बौद्धिक संपदा संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत एस. के. अग्निहोत्री(सहायक निदेशक, एमएसएमई डीएफओ पटना) के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर रागिनी देवी (जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका – बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसायटी) ने जीविका के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी। वहीं जयनाथ झा(एलडीएम, पंजाब नेशनल बैंक, अरवल) ने बैंक ऋण और वित्तीय सहायता से संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से बताया। सहदेव दास(महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र अरवल) ने बिहार सरकार की उद्यमी योजनाओं पर प्रकाश डाला । राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (ITI) अरवल, के प्राचार्य अख्तर परवेज ने उपस्थित उद्यमियों को उद्योग स्थापित कर बेरोजगारी दूर करने में अपनी सहभागिता को बढ़ने पर जोर दिया
तकनीकी सत्र में सौरभ कुमार और रॉबिन विन्सेंट ने पेटेंट, ट्रेडमार्क और बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व तथा इसके संरक्षण की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी।कार्यक्रम का समन्वय अंकेश कुमार ने किया।
कार्यक्रम के दौरान राकेश जी ने अपने राइस मिल उद्यम की सफलता की कहानी साझा की, जो उपस्थित प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक रही।
कार्यक्रम का समापन डॉ. श्वेता एम. देवतले (सहायक निदेशक, एमएसएमई डीएफओ पटना) के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में कई उद्यमियों, युवाओं और प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा इसे अत्यंत उपयोगी बताया।