आगनबाड़ी बच्चों के कपड़ों की सिलाई के काम से दीदियों को मिला नया रोजगार- ग्रामीण विकास मंत्री
*आगनबाड़ी बच्चों के कपड़ों की सिलाई के काम से दीदियों को मिला नया रोजगार- ग्रामीण विकास मंत्री*

बगहा। पश्चिम चंपारण जिला के वाल्मीकिनगर स्थित वाल्मीकि सभागार में बिहार के मुख्यमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने आगनबाड़ी बच्चों के बीच जीविका दीदियों के सिले गए कपड़ों का वितरण किया।इस अवसर पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि यह पहल बच्चों के लिए खुशी का अवसर होने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के कौशल और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देती है। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार महिला सशक्तीकरण की दिशा में कई ठोस पहल करते हुए बिहार को विकसित राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने पिछले बीस वर्षों में महिलाओं के उत्थान के लिये राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि आगनबाड़ी के बच्चों के वस्त्र सिलने के काम के काम में पाश्चिम चंपारण में 2034 जीविका दीदियाँ तथा पूरे राज्य में 60 हजार लगी हुई हैं। आज के दिन पश्चिम चम्पारण में 6000 बच्चों को वस्त्र वितरित किये जा रहे हैं और पूरे राज्य में 50000 आगनबाड़ी बच्चों को वस्त्र वितरित किया जा रहा है। जिला में कपड़ों का कटिंग सेंटर वर्तमान में योगापट्टी प्रखंड में है जहाँ से जिले के 18 प्रखंडों में कपड़े भेज कर सिलवाये जाते है। साथ ही उन्होंने दीदियों को बताया कि वे कटाई और सिलाई में निपुण हो जाती हैं तो अन्य जगहों पर भी यह केन्द्र शुरू किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में एक जीविका दीदी प्रतिदिन 4-5 सेट कपड़े सिलकर लगभग ₹300 तक की आय अर्जित कर रही हैं। इस पहल से न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि वे भविष्य में अपना टेलरिंग हाउस एवं प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित कर सकेंगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत पश्चिम चंपारण जिले में लगभग 6 लाख 82 हजार 697 दीदियों को आरंभिक निवेश निधि के रूप में ₹10,000 की राशि प्रदान की गई है। इस प्रकार पूरे जिला में अब तक कुल 682 करोड़ से ज्यादा की राशि महिलाओं को प्राप्त हो चुकी है। शेष 1,24,000 महिलाओं के आवेदनों की जाँच प्रक्रियाधीन है जिसे इसी माह में पूरा कर पात्र महिलाओं के खाते में राशि हस्तांतरित कर दी जायेगी। सफलतापूर्वक रोजगार संचालन करने वाली दीदियों को कुल ₹2,00,000 तक की और सहायता राशि पांच चरणों में उपलब्ध कराई जायेगी।जिला परियोजना प्रबंधक आर. के. निखिल ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया ।