“प्रशासन आपके द्वार“ कार्यक्रम से बदलेगी ग्रामीणों की तकदीर : जिला पदाधिकारी।

*“प्रशासन आपके द्वार“ कार्यक्रम से बदलेगी ग्रामीणों की तकदीर : जिला पदाधिकारी।*

*जनता की समस्या का समाधान करना हमारी प्राथमिकता।*

*योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाना है उदेश्य।*

*कार्यालय से बाहर आकर गांव तक पहुंचा है जिला प्रशासन।*

*आमजन का जीवन आसान बनाना सरकार का संकल्प।*

*हर सोमवार-शुक्रवार जनता से मिलेंगे अधिकारी।*

*जानकारी के अभाव में योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहेंगे कोई भी ग्रामीण।*

*नौतन प्रखंड के हरदिया कोठी में “प्रशासन आपके द्वार” कार्यक्रम का भव्य एवं सफल आयोजन सम्पन्न।*

*792 मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन।*

*जिला पदाधिकारी ने सभी विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और संबंधित पदाधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश।*

*लाभुकों से सीधा संवाद कर फीडबैक लिया और योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की समीक्षा की।*

*दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंद लाभुकों को सहायक उपकरण वितरित किए गए।*

*जिला पदाधिकारी ने सलोनी कुमारी का कराया अन्नप्राशन।*

*पांच युवाओं को केवाईपी प्रमाण-पत्र तथा दो युवाओं को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड वितरित किया गया।*

बेतिया। जिले के नौतन प्रखंड अंतर्गत बैकुंठवा पंचायत के हरदिया कोठी में जिला प्रशासन के तत्वावधान में “प्रशासन आपके द्वार” कार्यक्रम का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला पदाधिकारी श्री तरनजोत सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 25 विभागों के स्टॉल लगाए गए।

कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा, पशुपालन, स्वास्थ्य, आपूर्ति, समाज कल्याण, शिक्षा, कृषि, पंचायती राज, आरटीपीएस, राजस्व, जीविका, आईसीडीएस, सहकारिता, श्रम संसाधन, अल्पसंख्यक कल्याण, डीआरसीसी, विद्युत, उद्योग सहित अन्य विभागों की सहभागिता रही। इन स्टॉलों के माध्यम से कुल 792 मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन किया गया, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों को त्वरित राहत मिली।

कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी  तरनजोत सिंह ने सभी विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने लाभुकों से सीधा संवाद कर फीडबैक लिया और योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की समीक्षा की।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी द्वारा दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंद लाभुकों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। चार लाभुकों-बिक्रमा प्रसाद, अंकुर कुमार, निर्भय कुमार एवं नौशाद अंसारी को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। वहीं चार लाभुकों-बुलेट गिरी, सुदामा, चुनीलाल साह एवं अभय कुमार को व्हीलचेयर तथा चार लाभुकों-अमृता कुमारी, विशाल कुमार, आशुतोष कुमार एवं आकाश कुमार को हियरिंग एड प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त आईसीडीएस स्टॉल पर बच्ची सलोनी कुमारी का अन्नप्राशन जिला पदाधिकारी द्वारा कराया गया। डीआरसीसी स्टॉल पर पांच युवाओं को केवाईपी प्रमाण-पत्र तथा दो युवाओं को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड वितरित किया गया।

जिला पदाधिकारी  तरनजोत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “प्रशासन आपके द्वार” कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी योजनाओं को आमजन तक सीधे पहुंचाना और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार द्वारा “सात निश्चय-3” के तहत नया संकल्प और नया निश्चय निर्धारित किए गए हैं, जिनका लक्ष्य आमजन के जीवन को सरल बनाना और उन्हें सम्मानपूर्वक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को जिलास्तर, अनुमंडलस्तर एवं प्रखंडस्तर के पदाधिकारियों को अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर अधिक से अधिक लोगों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर जानकारी के अभाव में लोग सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। इसलिए प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम के माध्यम से पदाधिकारी स्वयं गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें लाभान्वित कर रहे हैं।

उप विकास आयुक्त श्री काजले वैभव नितिन ने कहा कि सरकार एवं जिला प्रशासन आमजन के कार्यों के निष्पादन के लिए सदैव तत्पर है। सभी विभागों के स्टॉल यहां उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर लोग अपनी समस्याओं का समाधान करा सकते हैं।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त  काजले वैभव नितिन, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी श्री अमरेन्द्र कुमार, निदेशक डीआरडीए अरूण प्रकाश, अनुमंडल पदाधिकारी (बेतिया सदर)  विकास कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी जिला गोपनीय शाखा श्री सुजीत कुमार, सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री सौरभ आलोक, एसडीसी बैंकिंग श्री विकास कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी  संजय कुमार सिन्हा, डीपीओ आईसीडीएस  कविता रानी, डीपीएम जीविका  आर.के. निखिल, प्रबंधक डीआरसीसी प्रेम प्रकाश दिवाकर सहित अन्य जिलास्तरीय, प्रखंडस्तरीय एवं पंचायतस्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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