एनएच727शास्त्रीनगर बेलवनिया पुल निर्माण के लिए वाल्मीकिनगर सांसद डिप्टी सीएम और पथ मंत्री से मिले



बगहा।बगहा राष्ट्रीय पथ 727शास्त्रीनगर बेलवनिया पुल के निर्माण के लिएआज शनिवार को वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बिहार सरकार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पथ निर्माण मंत्री डॉ0 दिलीप जायसवाल से मिला। सांसद कुमार ने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ0 दिलीप जायसवाल को बताया है कि यह पुल बगहा अनुमंडल मुख्यालय और भविष्य के जिला मुख्यालय से उत्तरप्रदेश के विभिन्न इलाकों और लाखों आबादी को जोड़ने वाला था,जिसे अस्वीकृत कर दिया गया है।

यह पुल 554 किलोमीटर इंडो नेपाल बॉर्डर रोड की कनेक्टविटी भी इस पुल से होनी है। भविष्य में वाल्मीकिनगर भंसार संचालित होने के बाद बिहार और उत्तरप्रदेश से नेपाल का भी व्यावसायिक संबंध स्थापित होगा, जिससे दोनों तरफ से भारी माल लदे वाहनों की भी आवाजाही हो सकती है। इस पुल के बनने के बाद खड्डा, सिसवा, कप्तानगंज, गोरखपुर और पडरौना कुशीनगर के लिए वाणिज्यिक वाहनों के अलावा सवारी वाहनों की भी आवाजाही शुरू होगी जिससे दोनों तरफ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बगहा शहरी क्षेत्र सहित आस पास के ग्रामीण इलाकों का भी व्यवसाय बढ़ेगा। धार्मिक और पर्यटन के दृष्टिकोण से वाल्मीकिनगर और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व प्रतिवर्ष जाने वाले हजारों पर्यटकों को भी काफी सहूलियत होगी। पिपरासी प्रखंड मुख्यालय की भी दुरी इस पुल के माध्यम से आधी हो जायेगी,जिससे रोजमर्रा के काम से अनुमंडल और कोर्ट कचहरी आने जाने वालों के समय की बचत होगी।

वाल्मीकिनगर सांसद ने इन सभी बिंदुओं पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए सरकार से इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार का अनुरोध किया।सांसद ने यह भी बताया कि यदि यह पुल नहीं बनता है तो बगहा होकर यूपी जाने वाली एन एच सड़क का औचित्य ही क्या रह जायेगा और पनीयहवा पुल भी सिर्फ रेल पुल बनकर रह जायेगा, क्योंकि वन विभाग ने तो अगस्त 2022 में ही वैकल्पिक मार्ग नहीं खोजने की स्थिति में मदनपुर पनीयहवा मार्ग को बंद करने की चेतावनी दे दी थी। ऐसी स्थिति में वह भविष्य में इस मार्ग को बंद कर सकता है, क्योंकि वन विभाग के लगातार अवरोध के कारण ही सरकार को वैकल्पिक मार्ग बनाने पर विचार करना पड़ रहा। मंत्री डॉ0 जायसवाल ने सांसद की बातों को ध्यान से सुनने के बाद उनकी चिंताओं से केंद्र को अवगत कराते हुए इसपर गंभीरता पूर्वक विचार करने का आग्रह किया।मौके पर जमुई सांसद अरुण भारती ,प्रतिनिधि मंडल में पूर्व विधायक प्रभात रंजन सिंह, जदयू नेता जयेन्द्र सिंह और सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र कुशवाहा शामिल थे।

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