सबका सम्मान–जीवन आसान’ (Ease of Living) के तहत आमजनों को बड़ी सुविधा।



*‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ (Ease of Living) के तहत आमजनों को बड़ी सुविधा।*

*सोमवार और शुक्रवार को सभी सरकारी कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे अधिकारी।*

*19 जनवरी 2026 से लागू होगी व्यवस्था।*

*जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न।*

बेतिया। जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह द्वारा ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ (Ease of Living) कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई, जबकि अनुमंडल, प्रखंड, अंचल एवं थाना स्तर के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े रहें।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि राज्य में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के उद्देश्य से सात निश्चय–3 कार्यक्रमों को लागू किया गया है। इनमें सातवां निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ (Ease of Living) है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और अधिक सुगम बनाना है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार महत्वपूर्ण और जनहितकारी निर्णय लिए जा रहे हैं।

उन्होंने ने कहा कि यह देखने में आया है कि आम नागरिक जब अपनी समस्याओं को लेकर सरकारी कार्यालयों में पहुंचते हैं, तो कई बार संबंधित अधिकारी उपस्थित नहीं रहते, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। इस समस्या के समाधान हेतु राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में यह निर्णय लिया गया है कि प्रत्येक सप्ताह दो कार्य दिवस—सोमवार एवं शुक्रवार—को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में संबंधित पदाधिकारी अपने निर्धारित कार्यालय कक्ष में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।

उन्होंने निर्देश दिया कि इससे संबंधित सूचना सभी सरकारी कार्यालयों में स्पष्ट तौर पर प्रदर्शित किया जाय, जिसमे समयावधि का जिक्र हो।

इन निर्धारित दिनों में आम नागरिक सीधे संबंधित अधिकारी से मिलकर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। पदाधिकारी आमजनों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे, उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनेंगे और त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए सम्मानजनक बैठने की व्यवस्था की जाय। साथ ही पेयजल, शौचालय सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाय। आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का विधिवत पंजी संधारण किया जाय तथा उनके निष्पादन की सतत निगरानी (अनुश्रवण) की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाय।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि यह नई व्यवस्था 19 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। इसके लागू होने से आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और उनकी समस्याओं का समाधान समयबद्ध रूप से हो सकेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल राज्य में सुशासन को और मजबूत करेगी तथा आमजनों के दैनिक जीवन को सरल एवं सहज बनाएगी।

इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक, डॉ0 शौर्य सुमन, उप विकास आयुक्त  काजले वैभव नितिन, नगर आयुक्त, नगर निगम बेतिया, सुश्री शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता, विभागीय जाँच,  कुमार रविन्द्र, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, अनिल कुमार सिन्हा, एसडीएम बेतिया सदर, विकास कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा,  सुजीत कुमार सहित अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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