गरौरा चीनी मिल के खिलाफ बगहा के किसानों का आक्रोश फूटा, भुगतान को लेकर किया प्रदर्शन।

बगहा। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में स्थित गरौरा चीनी मिल के खिलाफ बगहा के दर्जनों किसानों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। लाखों रुपये के गन्ना बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने मिल परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों का आरोप है कि उनका भुगतान पिछले नौ वर्षों से लंबित है, लेकिन न मिल प्रबंधन सुनवाई कर रहा है और न ही प्रशासन ठोस पहल कर रहा है। बगहा के नौरंगिया स्थित गरौरा चीनी मिल के कांटा परिसर में यह प्रदर्शन पिछले 24 घंटे से लगातार जारी है। आक्रोशित किसानों ने गन्ना लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों को कांटा परिसर में ही रोक दिया है, जिससे चीनी मिल की गन्ना आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। ठंड, भूख और थकान के बावजूद किसान अपने हक की लड़ाई के लिए वहीं डटे हुए हैं। प्रदर्शन में शामिल किसानों उमाशंकर सहनी, कलाम मियां, मुन्ना अंसारी, परशुराम गुप्ता, धीरज गुप्ता, सुनील गोड़, मुमताज अंसारी और नेमा यादव का कहना है कि भुगतान न होने से उनकी आर्थिक हालत बद से बदतर हो चुकी है। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। किसानों ने बताया कि उन्होंने बिहार और उत्तर प्रदेश के सभी संबंधित अधिकारियों के यहां आवेदन दिया, लेकिन हर जगह से सिर्फ आश्वासन मिला, पैसा नहीं। आरोप है कि जब किसान मिल प्रबंधन से मिलने पहुंचे तो उन्हें धक्के मारकर भगा दिया गया, जिससे उनका अपमान भी हुआ। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसानों का कहना है। कर्ज और भुगतान न मिलने के तनाव में कुछ किसानों की असमय मौत भी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद मिल प्रबंधन संवेदनहीन बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि पिछले 24 घंटे में चीनी मिल का कोई भी प्रतिनिधि किसानों से बातचीत के लिए नहीं आया। आक्रोशित किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आगे और सख्त कदम उठाने को मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि यदि मिल प्रबंधन फिर भी नहीं आया, तो वे वाहनों से गन्ना उतारकर उसे बेचेंगे और बकाया के अनुपात में किसानों के बीच राशि का वितरण करेंगे।