चाणक्यपुरी में शिक्षाविद दिवंगत ब्रजकिशोर शर्मा जी के निधनोपरांत भावपूर्ण शोक सभा का आयोजन


*चाणक्यपुरी में शिक्षाविद दिवंगत ब्रजकिशोर शर्मा जी के निधनोपरांत भावपूर्ण शोक सभा का आयोजन*
रिपोर्ट अनमोल कुमार
गया। चाणक्यपुरी में दिवंगत श्रद्धेय स्वर्गीय ब्रजनंदन शर्मा जी की पुण्य स्मृति में एक अत्यंत भावपूर्ण शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में विनीत कुमार, प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की।
शोक सभा का आरंभ दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर किया गया। इसके उपरांत उपस्थित वक्ताओं ने स्वर्गीय ब्रजनंदन शर्मा जी के व्यक्तित्व, उनके आदर्शों, सामाजिक दायित्वों तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि स्व. शर्मा जी न केवल शिक्षा जगत के लिए, बल्कि सम्पूर्ण समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत थे। उनके विचार, मूल्य और सिद्धांत आज भी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
इस अवसर पर विनीत कुमार ने भावुक शब्दों में स्व. ब्रजनंदन शर्मा जी को स्मरण करते हुए कहा कि उनका बचपन उनके सान्निध्य में बीता और उन्होंने जीवन में जो भी संस्कार, मूल्य और दृष्टि प्राप्त की, उसमें उनका विशेष योगदान रहा। उन्होंने कहा कि स्व. शर्मा जी ने बिहार के शिक्षक समाज के हितों के लिए जीवनभर संघर्ष किया और शिक्षा जगत को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका समर्पण और योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि स्व. ब्रजनंदन शर्मा जी का संपूर्ण जीवन त्याग, सेवा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण रहा। उन्होंने शिक्षा को समाज के उत्थान का सबसे सशक्त माध्यम माना और जीवनपर्यंत इसी उद्देश्य के लिए कार्य किया।
शोक सभा में स्वर्गीय ब्रजनंदन शर्मा जी के परिवारजन भी उपस्थित रहे। उनके बड़े पुत्र डॉ. रविन्द्र कुमार, पौत्र विनीत कुमार एवं अमित कुमार, तथा उनके भतीजे राजनीश कुमार झुन्ना जी ने श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। बिहार प्रेस मेन्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष, अनमोल कुमार ने स्वर्गीय ब्रजनंदन शर्मा जी के आत्मा की शान्ति के लिए प्रार्थना की और उनके दिवंगत आत्मा शान्ति के लिए भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उनके आदर्शों और मूल्यों को अपने आचरण में अपनाने तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके बताए मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने का संकल्प लिया। शोक सभा के अंत में ईश्वर से प्रार्थना की गई कि दिवंगत आत्मा को शाश्वत शांति प्रदान करें एवं शोक-संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।