बाल विवाह समाज के लिए है अभिशाप एवं दंडनीय अपराध : सभापति


*बाल विवाह समाज के लिए है अभिशाप एवं दंडनीय अपराध : सभापति*
रिपोर्ट अनमोल कुमार
बिहटा( पटना) । नगर परिषद बिहटा अंतर्गत वार्ड 13 में स्थित उड़ेहन बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के सहयोग से बाल विवाह मुक्त भारत के लिए 100- दिवसीय गहन जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जागरूकता रैली एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रियंका कुमारी (सभापति, नगर परिषद,बिहटा),नभेश कुमार (प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी,बिहटा) उपस्थित रहें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रियंका कुमारी ने कहा कि आज भी समाज में बाल विवाह की प्रथा प्रचलित है। यह प्रथा बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और उनके समग्र विकास में बड़ी बाधा है। बाल विवाह बच्चों के सपनों को साकार होने से रोकता है और उनके उज्ज्वल भविष्य को अंधकार में ढकेल देता है। ऐसे में, इस प्रथा को समाप्त करना समाज एवं बच्चों के भविष्य के लिए जरूरी है। वहीं नभेश कुमार ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के बारे में भी जानकारी देते हुए बताया कि इस अधिनियम के तहत लड़कों के लिए 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह पूरी तरह प्रतिबंधित है। बाल विवाह को बढ़ावा देने वालों के लिए दंड का प्रावधान भी किया गया है, ताकि बच्चों के अधिकारों और कल्याण को सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं एवं महिला हेल्पलाइन नंबर से भी अवगत कराया। कार्यक्रम में उपस्थित बिहटा प्रखण्ड के समन्वयक बबलु कुमार ने कहा कि यह अभियान 27 नवंबर 2025 से 08 मार्च 2026 तक चलाया जा रहा है। यह अभियान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतू स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों के साथ ग्राम पंचायतों एवं नगर निकायों में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य है कि 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य पूरा करना है।