बगहा अनुमंडलीय अस्पताल का एम्बुलेंस हो गया है मरीज , धक्का लगाने पर होता चालू,आपात सेवा पर उठ रहे सवाल।

बगहा अनुमंडलीय अस्पताल की एम्बुलेंस बनी मरीजों के लिए खतरा,दो माह से धक्का लगाकर किया जा रहा चालू,आपात सेवा पर उठे सवाल।
बगहा।नेपाल और उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध एम्बुलेंस की स्थिति इन दिनों बेहद चिंताजनक बनी हुई है।अस्पताल की एक एम्बुलेंस पिछले करीब दो माह से सेल्फ स्टार्ट से चालू नहीं हो पा रही है और हर बार उसे धक्का लगाकर स्टार्ट करना पड़ रहा है।यह हालात आपातकालीन मरीजों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।तकनीकी खराबी के कारण एम्बुलेंस का सेल्फ स्टार्ट काम नहीं कर रहा है।इस समस्या को लेकर एम्बुलेंस चालक द्वारा कई बार संबंधित विभाग और सेवा प्रदाता को सूचना दी जा चुकी है,लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।सात प्रखंडों के मरीजों का दबाव
बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में सात प्रखंडों से मरीज ईलाज के लिए पहुंचते हैं।इनमें कई मरीज गंभीर अवस्था में होते हैं,जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर भी किया जाता है।ऐसे में आपात स्थिति में कुछ मिनटों की देरी भी मरीज की जान पर भारी पड़ सकती है।सवाल यह उठता है कि जब आपातकालीन सेवा में लगी एम्बुलेंस की हालत ऐसी है,तो मरीजों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।ठंड और कोहरे में बढ़ा खतरा
वर्तमान में ठंड का मौसम चल रहा है,जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है।शाम होते ही घना कोहरा छा जाता है,जिससे हादसों की आशंका और भी बढ़ जाती है।ऐसे हालात में एम्बुलेंस को धक्का मारकर चालू करना न सिर्फ समय की बर्बादी है,बल्कि मरीज की जान के साथ बड़ा जोखिम भी है।सेवा प्रदाता का पक्ष
इस मामले में जैन प्लस एम्बुलेंस सेवा के बेतिया एसीओ नीतीश कुमार ने बताया कि पहले एम्बुलेंस की बैटरी खराब थी,जिसे बदल दिया गया है।फिलहाल सेल्फ स्टार्ट में तकनीकी खराबी है,जिसे एक-दो दिनों में ठीक करा दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि संस्था की प्राथमिकता सभी एम्बुलेंस को दुरुस्त रखना है,ताकि मरीजों को समय पर और सुरक्षित सेवा मिल सके।फिलहाल एम्बुलेंस की बदहाल स्थिति ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है,वहीं आम लोग जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं।