जीविकोपार्जन में मशरूम की महत्वपूर्ण भूमिका – दिलीप सिंह शेखावत*


*जीविकोपार्जन में मशरूम की महत्वपूर्ण भूमिका – दिलीप सिंह शेखावत*
रिपोर्ट अनमोल कुमार
लोहरदगा। उप विकास आयुक्त, दिलीप सिंह शेखावत ( भाप्रसे ) ने पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जीविकोपार्जन में मशरूम उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है जिसे अपनाकर आप आत्मनिर्भर बन सकते हैं। यह कार्यक्रम पंचायत सचिवालय , रामपुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एपीपी एग्रीगेट के निदेशक, प्रभाकर कुमार ने किया। श्री शेखावत ने प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कहा कि मशरूम ना केवल उपयोग के लिए है बल्कि रोजगार और व्यापार के लिए भी महत्वपूर्ण जरीया है। उन्होंने मशरूम उत्पाद के मूल्यसंबर्धन बस्तुओं की चर्चा करते हुए कहा कि आप इसके माध्यम से संपन्न और स्वस्थ भी हो सकते हैं।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को 30 – 30 उत्पादन कीट, आकर्षक थैला, जल छिकाव के लिए स्प्रे, प्रशिक्षण प्रमाण पत्र अपने कर कमलों से वितरण करते हुए प्रोत्साहित किया और मशरूम उत्पादकों का मनोबल भी बढ़ाया। साथ ही मशरूम के क्षेत्र में हरसंभव सहयोग का भी आश्वासन दिया। कार्यक्रम के पूर्व जनजाति नृत्य, गीत, मांदर की थाप, लोटा थाली पानी और पारम्परिक जंगली पत्तों का ताज पहना कर किया। एपीपी एग्रीगेट के निदेशक, प्रभाकर कुमार ने प्रशिक्षण की भेटकर श्री शेखावत को सम्मानित किया। मौके पर प्रशिक्षक, नवीन कुमार पाण्डेय और प्रशिक्षण का नेतृत्वकर्ता, मेनका देवी कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना अहम् भूमिका निभाई।