बगहा के पिपरा गांव स्थित आईपीएस विकास वैभव चौराहे पर मनाई गई इको-फ्रेंडली दिवाली, 5000 हजार दीये जलाकर पेड़ों के साथ मनाई दिवाली,


पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
बगहा।बगहा के पिपरा गांव स्थित आईपीएस विकास वैभव चौराहा पर पर्यावरण प्रेमी गजेंद्र यादव ने एसएसबी,स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पेड़ों के साथ दीपावली मनाई। इस मौके पर पेड़ बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए 5000 दीये जलाए गए।इस मौके पर 21 वीं एवं 65 वी वाहिनी एसएसबी के आला अधिकारी,जवान व इलाके के दर्जनों गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।पर्यावरण प्रेमी गजेन्द्र यादव ने कहा कि आईपीएस विकास वैभव चौराहा, बगहा पश्चिम चम्पारण ,बिहार में गत वर्षों से स्थापित परम्परा के अनुरूप दीपावली की पूर्व संध्या पर वृक्षों के साथ दीपावली मनाने के लिए आये ग्रामीण, किसान,नौजवान तथा बच्चों ने अपने -अपने घरों से लाये दीपक तेल बाती से नयनाभिराम रंगोली बनाकर हरितिमा से अच्छादित इस स्थल को ज्योतिर्मय कर ऐसा अनोखा दृश्य उपस्थित कर दिया मानो अंधकार को मिटाने आसमान से असंख्य तारे धरती पर उतर आये हो।ज्ञातव्य है कि इस चौराहा के आस पड़ोस के गाँवों में यह परम्परा लोक मान्यता बन गई है कि दीपावली की पूर्व संध्या पर वृक्षों के आगंन में पहले दीपमालिका सजाकर ही दीपावली के दिन हर घर के आगंन में दीप जलाई जाती है। इसके शुभपरिणाम से लोगों में प्रत्येक वर्ष उत्साह और उमंग उत्तरोत्तर बढ़ने से पर्यावरण के प्रति लोगों के हृदय में आत्मीयता के स्नेहिल भाव के संचार से पर्यावरण की सुरक्षा जन -जन का संकल्प बनता जा रहा है जो अभिनंदनीय है।वृक्ष असीम दयालुता और परोपकार का एक अनोखा जीव हैं जो अपने पोषण के लिए कोई मांग नहीं करते और अपने जीवन की उपज उदारतापूर्वक प्रदान करते हैं। यह सभी प्राणियों को सुरक्षा प्रदान करते हैं, यहाँ तक कि इन्हे नष्ट करने वाले कुल्हाड़ीधारी को भी छाया प्रदान करते हैं। वृक्ष एक छोटे बीज से विशाल वृक्ष बनने की अपनी यात्रा के माध्यम से हमे धैर्य और विकास का संदेश देते हैं। उनकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। आइए, हम सभी मिलकर इस पावन अभियान को उच्च शिखर” तक ले चलें और एक हरित और स्वच्छ भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाएं। पर्यावरण प्रेमी गजेन्द्र यादव ने वृक्षों के साथ दीपोत्सव में गरिमामयी उपस्थिति ग्रामीण- किसान, बच्चे, मातायें बहने युवा साथी, बुजुर्ग और सशस्त्र सीमा बल 21वी वाहिनी एसएसबी एवं 65वीं वाहिनी एसएसबी के नौजवान साथी आप सभी को ह्रदय से आभार प्रकट करता हूं।