मधुबनी सीडीपीओ कार्यालय में औचक निरीक्षण, साढ़े 11 बजे तक न अधिकारी न कर्मी

बगहा।बगहा अनुमंडल के मधुबनी पिपरासी बाल विकाश परियोजना प्रखंड के दहवा स्थित कार्यालय में गुरुवार को बीस सूत्री अध्यक्ष दूधनाथ कुशवाहा एवं उपाध्यक्ष शंभू सिंह ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान जो हालात सामने आए, उन्होंने सरकारी कार्यालयों की लापरवाही की पोल खोल दी।वृहस्पतिवार के दिन में साढ़े 11 बजे तक कार्यालय में न तो सीडीपीओ उपस्थित थीं और न ही कोई कर्मी, यहां तक कि प्रधान लिपिक का कार्यालय भी तालेबंद मिला, इस पर बीस सूत्री पदाधिकारियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मियों की शिकायत बेतिया डीएम से करने की बात कही। बीस सूत्री अध्यक्ष कुशवाहा ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बाल विकास परियोजना के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीएचआर वितरण में अनियमितता है, बच्चों को मिलने वाला पोषाहार समय पर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा और कई केंद्र समय पर नहीं खुलते इसी सिलसिले में गुरुवार को औचक निरीक्षण किया गया, ताकि सीडीपीओ से मिलकर सुधार के लिए कदम उठाया जा सके लेकिन हैरानी की बात रही कि निर्धारित कार्य समय के काफी बाद तक कार्यालय में कोई अधिकारी-कर्मी मौजूद नहीं थे ,उन्होंने कहा कि कई बार सीडीपीओ को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन तक रिसीव नहीं किया, यह न केवल लापरवाही है बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं की अनदेखी भी है। उपाध्यक्ष शंभू सिंह ने कहा कि जब शीर्ष स्तर से ही गंभीरता नहीं दिखाई जाएगी तो निचले स्तर पर कार्यसंस्कृति सुधरने की उम्मीद नहीं की जा सकती।
उपाध्यक्ष ने यह भी बताया कि बीस सूत्री की पूर्व बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि टीएचआर वितरण बीस सूत्री पदाधिकारियों और सदस्यों की निगरानी में होगा बावजूद इसके सीडीपीओ ने इस निर्णय की अवहेलना करते हुए मनमाने ढंग से वितरण कराया ।यह सीधा-सीधा सदन की अवमानना है पदाधिकारियों ने आगे आरोप लगाया कि सेविकाओं द्वारा बार-बार यह शिकायत की गई है ,कि हर माह टीएचआर वितरण के दौरान उनसे तीन हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है, ऐसे मामलों से साफ है कि कार्यालय के कुछ कर्मी मिलकर अनियमितताओं को बढ़ावा दे रहे हैं ,इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है और लाभुकों को योजनाओं का सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
निरीक्षण के बाद बीस सूत्री पदाधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे बेतिया डीएम को भेजा जाएगा साथ ही, यह मांग भी की जाएगी कि लापरवाह अधिकारियों और कर्मियों पर कठोर कार्रवाई हो उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी सरकारी कार्यालय में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जायेगी।ग्रामीणों का कहना है कि जब प्रखंड स्तर पर ही अधिकारी गैर-जिम्मेदार बने रहेंगे तो आम जनता को योजनाओं का लाभ कैसे मिलेगा, इस निरीक्षण ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कई विभागों में मनमानी और अनियमितता आम बात हो गई है ,अब देखना यह है कि डीएम इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं या नहीं।