हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम जुलाई – दिसंबर 2025 सत्र शुरू*

रिपोर्ट अनमोल कुमार
पटना। उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान, पटना द्वारा संचालित जुलाई – दिसंबर 2025 सत्र के अंतर्गत 150 से अधिक प्रशिक्षुओं के लिए 18 विभिन्न पारंपरिक हस्तशिल्प कलाओं में बेसिक से एडवांस स्तर तक का हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 10 जुलाई 2025 से प्रारंभ होने जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षु, संस्थान के विशेषज्ञ एवं अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में बिहार की पारंपरिक शिल्पकला की गहराई से समझ प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार की समृद्ध शिल्प परंपरा को संरक्षित करते हुए युवाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाना है।
प्रशिक्षण हेतु चयनित 18 प्रमुख हस्तशिल्प कलाएं निम्नलिखित हैं – मधुबनी पेंटिंग, टिकुली कला, सिक्की शिल्प, बांस शिल्प, जूट शिल्प, मंजूषा चित्रकला, काष्ठ शिल्प, पत्थर शिल्प, सुजनी कढ़ाई,आप्लिक, टेरकोटा तथा अन्य पारंपरिक कलाएं।
“प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कलाओं को आधुनिक रोजगार से जोड़ते हुए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। संस्थान न केवल कला के संरक्षण में योगदान दे रहा है, बल्कि ग्रामीण और शहरी युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक सशक्त मंच प्रदान कर रहा है।