बगहा:कैंसर की फोर्थ स्टेज मरीज को डॉ.पदमभानु सिंह ने महज चार महीना में होम्योपैथिक ईलाज से किया स्वस्थ।

चिकित्सा के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया बगहा का होमियो कैंसर सेवा अस्पताल।
कैंसर की फोर्थ स्टेज मरीज डॉ.पदमभानु सिंह के महज चार महीने के होम्योपैथिक ईलाज में हुई पूरी तरह से स्वस्थ।
बगहा। बगहा (बिहार) का होमियो कैंसर सेवा अस्पताल ने एक बार फिर कैंसर मरीज का सफल ईलाज कर चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कृतिमान स्थापित कर दिया है।बिहार के गोपालगंज अंतर्गत भोरे गांव की रहने वाली एक महिला शकुंतला देवी मरीज जिन्हें फोर्थ स्टेज का कैंसर था और दिल्ली के अपोलो अस्पताल में 16 कीमोथेरेपी दिये जाने के बाद उनकी हालत और भी खराब हो गई थी,जिससे मरीज पूरी तरह से बिस्तर पकड़ लिया और चलने फिरने में पूरी तरह असमर्थ हो गईं। अंत में हताश होकर उनके परिजनों ने पश्चिमी चंपारण के होमिया कैंसर सेवा अस्पताल बगहा के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चिकित्सक कई बार कैंसर के सफल ईलाज के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होमियोपैथिक चिकित्सक डॉक्टर पदम भानु सिंह से संपर्क किया और वह मरीज जो अस्पताल में आने लायक स्थिति में नहीं थीं। उनसे विडियो काल से बात कराया गया। वीडियो कॉल से उनकी भयावह स्थिति देखकर डॉक्टर पदम भानु सिंह ने कैंसर का ईलाज शुरू किया। महज चार महीने में मरीज अपने पैरों पर चलकर यह साबित कर दिया कि होमियोपैथी चिकित्सा में वह शक्ति विद्यमान है, जो ऐसे विकट परिस्थितियों में भी मरीज को पूरी तरह से ठीक कर सकता है। जब उक्त मरीज अपने पैरों पर चलने में समर्थ हो गईं तो वह स्वयं चलकर डॉक्टर पदम भानु सिंह से मिलने आ गईं। यह कैंसर के चिकित्सा के क्षेत्र में एक क्रांति ही है जो बगहा वन विकास भारती द्वारा संचालित होमियो कैंसर सेवा अस्पताल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई है।मरीज शकुंतला देवी के पति द्वारिका मिश्रा ने बताया कि हमारी पत्नी शकुंतला देवी को कैंसर की फोर्थ स्टेज की मरीज हो गई हुई थी।जिनका ईलाज दिल्ली के अपोलो अस्पताल में कराते हुए 16 कीमोथेरेपी कराया हुआ था।जिसके बाद मेरी पत्नी की हालत बहुत ही नाजुक हो गई हुई थी।उसके बाद इनको आईसीयू में डालना पड़ा था।जहां वो लगभग 48 घंटे भर्ती रही थीं और डॉक्टरों ने जवाब दे दिया गया था।उक्त पत्नी के ईलाज के दौरान 50 लाख से अधिक रुपए लगा चुका था।उसके बाद मेरे चित परिचित चाचा जी ने बिहार के बगहा स्थित होमियो कैंसर सेवा अस्पताल बगहा के बारे में जानकारी दिए और दिखाने को कहा।जहां डॉक्टर पदम भानु सिंह से वीडियो कॉलिंग के जरिए ऑनलाइन अपनी पत्नी शकुंतला देवी को दिखाया और पत्नी के कैंसर के स्थिति के बारे जानकारी देते हुए होम्योपैथी ईलाज शुरू कराया।उस दौरान मेरी पत्नी चलने फिरने या बोलने में भी पूरी तरह असमर्थ हो गई हुई थी। डॉक्टर पदम भानु सिंह के महज चार महीने के ईलाज में ही मेरी पत्नी शकुंतला देवी स्वस्थ हो गई और वो खुद से चलने फिरने लगी खुद से छत पर चली जाती हैं कोई काम कर लेती हैं।अब मेरी पत्नी शकुंतला देवी बेहतर महसूस कर रही हैं।वही आज गोपालगंज से स्वयं चलकर डॉक्टर पदम भानु सिंह से मिलने आई हुई हैं।वहीं बीते 03 जून को इनका चेकअप कराया हुआ था।जिसमें रिपोर्ट सामान्य आया हुआ हैं।इस सफलता पर मरीज के परिजनों के साथ साथ क्षेत्र के लोगों ने बगहा के होमियो कैंसर सेवा अस्पताल के डाक्टर पदम भानु सिंह को बहुत बहुत आभार व्यक्त किया।